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हमारा गया शहर

                
                                                         
                            आईए हमारे गया में
                                                                 
                            
पीपल के शीतल छाया में
बुद्ध के गया में
गयासुर के गया में
सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'के गया में
जहां की माटी में है खुशबू हिंदुस्तान की
ज्ञान आसमान की
है धरती भगवान की
है हमारे हृदय स्थान की
जहां पितृपक्ष मेला लगे
जहां लोग सारी रात जगे
अनारसा तिलकुट लाई की मीठास लिए
विश्व विजय की आस लिए
विश्व को जोड़ने का विश्वास लिए
विष्णु पद मंदिर है जहां
आता तर्पण करने विश्व जहां
अंततः सलीला फल्गु के किनारे
लगे विश्व शांति के नारे
जहां पितरों के शांति के लिए मंत्र उच्चारें
पंडा ढेर सारे
है आसमान का तारा
गया शहर हमारा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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1 सप्ताह पहले

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