आव हमरा गांव में
आव हमरा छांव में
मिली प्यार पूरा
होई सत्कार पूरा
भले हम हई गंवार
पर जानेला जवार
बा खेत बधार
बा बाग बागान
बा ढेरे सम्मान
आव एही ठांव में
आव हमरा गांव में।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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