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गया शहर में आइए

                
                                                         
                            आईए मेरे दक्षिणी बिहार में
                                                                 
                            
आईए हमारे बुद्धा के बिहार में
दक्षिणी बिहार की धड़कन है यही
पिंडदान के लिए जाने इसे मेरी मही
है यह दक्षिणी बिहार की राजधानी
बहे यहां फल्गु नदी की पावन पानी
आईए यहां अंत: सलिला कहे कहानी
गयासुर ने तप किया
खूब जब जप किया
तब खुश हुए विष्णु भगवान
दिए उनको एक अमर वरदान
इस धरा पर करेगा जो पिंडदान
उनके पुरखों को मिलेगा मोक्ष का दान
आता यहां सारा संसार पितृपक्ष मेला में
आईए आप भी एक बार इस महान मेला में
है यहीं विश्व प्रसिद्ध बोधि मंदिर
है यहीं विश्व प्रसिद्ध विष्णु पद मंदिर
है यहीं मंगला गौरी मंदिर
गया दर्शन को आइए
अपने हिय को जुड़ाइए
आइए एक बार गया आइए
मां सीता भी यहां आई
रानी अहिल्याबाई आई
सबने की है गया की बड़ाई।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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