जिसके हृदय में स्वदेश के लिए प्यार नहीं है
जिसके हृदय में बहती स्वदेश प्रेम की धार नहीं है
जो स्वदेश सेवा के लिए हमेशा तैयार नहीं है
जिसको कठिन चुनौतियां स्वीकार नहीं है
उसको देश वासी कहलाने का अधिकार नहीं है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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