जहां गंगा बहे
जहां यमुना बहे
जहां तिरंगा लहरे
जहां हिमालय दे पहरे
जहां लोग हैं वीर
जहां है अर्जुन का तीर
जहां राम आए
घनश्याम आए
जहां पत्थर भी पूजे जाते हैं
जहां पेड़ पौधे पूजे जाते हैं
देश वही मेरा है
हुआ पहले जहां सवेरा है
जहां वेद गीता पुराण है
जहां पावन कुरान है
वही हमारा हिंदुस्तान है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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