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चांदनी चांद की

                
                                                         
                            चांदनी चांद की छिटकी है चहुंओर
                                                                 
                            
चमक उठे हैं अवनी और अंबर के अंतिम छोर
दमक उठे हैं अंबर में तारे सारे प्यारे प्यारे
अंबर के नयनों जैसे लगते ये सारे सितारे
कहां है स्वर्ग, मत पूछो
कहां है इंद्रपुरी,मत पूछो
देखो, केवल अंबर की ओर
पा जाओगे सारे स्वर्ग के छोर
हुलस उठे हैं हमारे हृदय के पोर पोर
चांदनी चांद की छिटकी है चहुंओर
देखो तो ऊपर अंबर की ओर।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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9 घंटे पहले

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