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                            सब कुछ का हो रहा है सौदा यहां
                                                                 
                            
बन रहा है मसौदा यहां
बोलो क्या क्या नहीं बिक रहा है?
पैसे पर वोट बिक रहा है
एक एक चोट बिक रहा है
वतन बिक रहा है
नील गगन बिक रहा है
बच्चे बिक रहे हैं
सच्चे बिक रहे हैं
कोमल कलियां बिक रही हैं
सखी सहेलियां बिक रही हैं
गंदी गलियां बिक रही हैं
गंदी गालियां बिक रही हैं
पैसे पर तालियां बिक रही हैं
ताले तालियां बिक रही हैं
गोरी गोरी चमड़ियां बिक रही हैं
घर की बेटियां बिक रही हैं
खुला बाजार है
अब तेरा इंतजार है
सभी बिकने को तैयार हैं
बोलो कब तुम बिकोगे खरीददार तो तैयार हैं
मंदिर में पंडे पुजारी बिक रहे हैं
गरीब दुखारी बिक रहे हैं
भगवान की मूर्तियां बिक रही हैं
कुर्ते कुर्तियां बिक रही हैं
ईश्वर बिकने को तैयार हैं
ढेर सारे खरीददार तैयार हैं।
- सहज कुमार
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3 महीने पहले

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