जो सुबह सुबह टहलता है
भाग्य उसका चमकता है
स्वस्थ वही रहता है
जो पैदल चलता है
जो व्यायाम करता है
जो प्राणायाम करता है
जो स्वास्थ्य का ध्यान रखता है
सफलता का स्वाद वह चखता है
हैं हम अपने भाग्य के निर्माता
हैं हम अपने भाग्य विधाता
नूतन भाग्य बनाओ
खुद को तुम चमकाओ।
- सहज कुमार
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