बढ़ रहा है नफरत के भाव क्यों?
दिख रहा है प्रेम का अभाव क्यों?
दिख रहा है भेदभाव क्यों?
पढ़ो गीता
बनो राम सीता
कह रहा मेरा मन है
बनाना सुंदर वतन है
स्वच्छ रखना गगन है
स्वस्थ रखना तन मन है।
- सहज कुमार
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