कुछ बंदूकें खेतों में लगाओ
इनको खाद पानी दे कर बढ़ाओ
कुछ मिसाइलें खेतों में लगाओ
जब जुल्म बढ़ जाए
जब मन बढ़ जाए
किसी पड़ोसी का
या किसी सरकार का
तब इनको उपयोग में लाओ
कुछ बंदूकें खेतों में लगाओ।
- सहज कुमार
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X