मौसम बदला, तुम भी बदलो
तूफान चला, तुम भी चलो
सब बदला, तुम भी बदलो
रंग बदला
ढंग बदला
तुम भी रंग ढंग बदलो
नहीं पिछड़े कहलाओगे
हंसी के पात्र बन जाओगे।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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