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बाप की कमाई

                
                                                         
                            आज के युवाओं के करों में जलती सिगरेट है
                                                                 
                            
बाप की कमाई उड़ा रहे देखते नहीं रेट हैं
देखते नहीं वेट हैं
गया आजाद पार्क में
हो गया शाक मैं
हाथ में क्यूं सिगरेट, बीड़ी है
अरे! यह तो नर्क की सीढ़ी है
जा रही किधर हमारी नई पीढ़ी है?
सिगरेट तंबाकू छोड़ो
फल फूल से खुद को जोड़ो
छोड़ो गुटखा पान मसाला शराब
कर देगा यह तेरा स्वास्थ्य खराब।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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10 घंटे पहले

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