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बागी बलिया वाला मैं

                
                                                         
                            शीष मेरा कभी झुका नहीं
                                                                 
                            
शीष झुकाना मैं कभी सीखा नहीं
विजयी अभियान कभी रुका नहीं
हारना मैं सीखा नहीं
हूं मैं मां गंगा के मैदान से
लड़ता हूं मैं साहस स्वाभिमान से
सीखता मैं पुर्वजों के बलिदान से
बागी बलिया वाला मैं
बागी बैरिया वाला मैं
गुदरी सिंह के टोला वाला मैं
मैं झुकूं कैसे?
मैं रुकूं कैसे?
रक्त नहीं,बहता है स्वाभिमान रग रग में
कमाऊंगा नाम मैं जीतूंगा जग में।
- सहज कुमार
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2 महीने पहले

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