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आग की बारिश

                
                                                         
                            बरस रही है आज आग अंबर से
                                                                 
                            
कर रही है आज बात उच्च स्वर से
हैं किसान मजदूर सब पसीने से तरबतर
सूरज का है हिंसक आज असर सब पर।
- सहज कुमार
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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