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गया शहर

                
                                                         
                            फल्गु नदी के किनारे
                                                                 
                            
होते पिंडदान ढेर सारे
फल्गु नदी के तट पर
बसा है गया शहर
है यह बुद्ध का शहर
है यह ज्ञान का शहर
है यह उत्थान का शहर
बोधगया यहां हैं
बोधि मंदिर यहां है
गया का पुराना नाम
गयाजी हो गया नया नाम
है यह ऐतिहासिक शहर
है यह सांस्कृतिक शहर
है दक्षिणी बिहार की राजधानी
है यह बिहार की सांस्कृतिक राजधानी
है यह बिहार की धरती साहित्यिक राजधानी
है यहां पर्वत पठार
है यह ज्ञान का भंडार
है हिंदी मगही से गया को प्यार
आओ ना एक बार
देखो गया का चमत्कार
यहां आए सहज कुमार
है यहां गया जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन
होता यहां काव्य संध्या का मिलन
आइये ना हमारे गया में
बुद्ध के पावन छाया में।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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2 दिन पहले

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