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दिल को जोड़ो

                
                                                         
                            कोई प्यार करता है
                                                                 
                            
कोई वादा करता है
कोई कसम खाता है
कोई धोखा खाता है
वादा करना छोड़ो
कसम खाना छोड़ो
दिल को दिल से जोड़ो।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
59 मिनट पहले

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