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धरती मां के कपड़े

                
                                                         
                            देखो दूर दूर तक फैली है हरियाली
                                                                 
                            
हरियाली से है मां के गालों पर लाली
धरती मां के कपड़े हैं ये सुंदर कलियां
ये नदी नाले तालाब सुंदर बालियां
ये सुंदर वन उपवन
हैं धरती मां के वसन
इनको काट कर धरती मां को नंगा न करो
इनको छांट कर धरती मां को अधनंगा न करो।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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46 मिनट पहले

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