बलिया में जा के
बलिया में आ के
बलिया के सत्तू,बलिया के लिट्टी चोखा
खाए नहीं आप तो,खा गए धोखा
है यह चीज अनोखा
कहते इसको बाटी चोखा
गरम गरम
नरम नरम
घी घोस कर
मिलता परोस कर
घर घर
बागी बलिया में
बागी बैरिया में
एक बार आएंगे
फिर बार बार आएंगे
भूल सारे व्यंजन आप जाएंगे
यदि इसे आप एक बार खाएंगे
बार बार आएंगे
आईए मेरे बलिया में
आईए मेरे बैरिया में
वीरों की धरती है
वीर पैदा करती है
मंगल पांडे सा वीर पैदा करती है
यह धीर गंभीर पैदा करती है
यह आजादी की तीर पैदा करती है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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