तुम जगा देते हो -
जब भी याद आते हो,ख़्वाबों में तुम जगा देते हो,
सुकूँ से सोई आँखों को,बेहिसाब तुम सता लेते हो।
मैं चाहूँ कि सब बिसराऊँ, पर दिल नहीं मानता है,
भुलाने की हर कोशिश को, इक याद तुम बना लेते हो।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X