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श्रृंगार करो पर न हरदम

                
                                                         
                            श्रृंगार करो पर न हरदम,
                                                                 
                            
काजल लगाओ पर न हरदम।
चेहरे पर पुट्टी कम लगाओ,
ब्यूटी पे पैसा न उड़ाओ,
श्रृंगार करो पर न हरदम!
थोड़ा तो रहम करो हरदम,

शादी में पुताई न करो हरदम।
मेकअप का ऐसा जादू चलता,
धोखा खा जाता सादा दुल्हा ,
इतना न इतराओ हरदम!

होठों पे सादी मुस्कान लाओ,
हाथों में चूड़ी की खनक जगाओ।
बजट में रहकर पायल पहनो ,
हजारों के कपड़ों से दूर ही रहो ,
श्रृंगार करो पर न हरदम!

आखों को काले से लाल न करो,
बालों से इतना तुम प्यार न करो।
गंजे होकर भी बनते हो 'संजय '
काले हो फिर भी इतराते हो भाई!

झूठे 'एक्सेंट' से इंग्लिश झाड़ते ,
"पीना ही जीना है" .....गाना गाते!
अब थोड़ा तो सुधरो हरदम,
हाँ…...श्रृंगार करो पर न हरदम!

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2 महीने पहले

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