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बदनाम होकर रह गया

                
                                                         
                            जो मेरा आगाज था,अंजाम होकर रह गया
                                                                 
                            
मैं तुम्हारे शहर में गुमनाम होकर रह गया
तुमने मुझपर की नजर तो शोहरतें हासिल हुईं
तुमने ठुकराया तो मैं बदनाम होकर रह गया
जख्म अपनों से मिले वो आज भी नासूर हैं
दुश्मनों के घाव से आराम होकर रह गया
दिखता होगा चांद भी छत पर तुम्हारे रोज ही
जो अधूरे प्यार का पैगाम होकर रह गया
इक कहानी आजतक भी है अधूरी इसतरह
कोई किस्सा उस तरह तमाम होकर रह गया
जगाकर दुश्वारियों को सो गई किस्मत मेरी
लफ़्ज़ हर तारीफ का इल्जाम होकर रह गया
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3 दिन पहले

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