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पुरुष तो शापित

                
                                                         
                            *पुरुष तो शापित सदा से जग में*
                                                                 
                            

शिवजी-विष्णु,राम-कृष्ण भी श्राप से बच न पाए,
जबकि ये पूरी सृष्टि के रक्षक हैं कहलाए।
ताड़का-सूर्पणखा से भिड़ना पड़ा राम को,
पूतना ने बालकृष्ण के हाथों प्राण गँवाए।।
भेज दिया कैकई ने राम को काँट-कूस के मग में।
*पुरुष तो शापित सदा से जग में*

वनगामी हो गए रामजी,कृष्ण गाय रखवाले,
राम के साथी वनवासी थे,कृष्ण के साथी ग्वाले।
घर-परिवार का कौन था संगी,किसने संकट टाले,
देव थे ये सौभाग्य भरे थे इनके डग में पग में।।
*पुरुष तो शापित सदा से जग में*
~पंडित अनिल
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3 महीने पहले

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