चलते रहना
कर्तव्य पथ पर जो चला,
सौभाग्य से पूरित रहा।
दुख - दर्द जो सहता गया,
उसे साथ भगवन का मिला।।
धूप भी है हिम्मत बँधाती,
राह हिम्मत है दिखाती।
हारना मन से कभी मत,
जीतता है मन ही सदा।।
जग में असंभव कुछ नहीं,
हिम्मत से संभव क्या नहीं।
जीत का शुभ मंत्र है यह,
जो मन ने दृढ़ होकर कहा।
दिन भी होगा रात होगी,
खुशियों की सौगात होगी।
मार कर मन तुम न रुकना,
चलते रहना,चलते रहना।।
-पंडित अनिल
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