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ए आई और नया वैश्विक संतुलन

                
                                                         
                            दुनिया में वो राज करेगा, ए के वर्मा रहे बताय,
                                                                 
                            
अगर न समझे समय के रहते, परिणामो को रहे बताय।
खोज हुई बारूद की जैसे, सारे देश गए घबराय,
तलवारों से खेलने वाले, राजपुताने रहे डराय।
इसी खोज ने फिर मुगलों को, दी भारत की राह दिखाय।
नेविगेशन तकनीक बनाकर, यू.के. रहा विश्व में छाय,
सागर में जलपोत चलाकर, चहुँदिश कब्जा लिया जमाय।
फिर आया परमाणु विखंडन, नया संतुलन दिया बनाय,
तब से अब तक राज कर रहा, खुद के लिए है नियम बनाय।
परिवर्तन ही नियम प्रकृति का, शाश्वत रहा है अब तक भाय,
इसी बीच में नया खिलाड़ी, विश्व पटल पर धमका आय।
युद्ध छिड़ा घनघोर है लेकिन, नंगी आँखों नहीं दिखाय,
करें तैयारी दोनों अपनी, बल-विवेक-छल सभी लगाय।
एक कर्ज का जाल बिछाये, धमकी देत दूसरा जाय,
कृत्रिम ज्ञान AI में दोनों, मोनोपोली रहे बनाय।
एक निवेश बढ़ाता जाता, दूजा रहे प्रतिबंध लगाय,
यही एक चाबी है ऐसी, जो दुनिया की नींव हिलाय।
जो इसमें जीतेगा निश्चित, अगला समय उसी का भाय,
इसीलिए यह समय है ऐसा, जो चूका सब दिन पछताय
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8 घंटे पहले

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