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दोष मुझ पर ना लगाओ पेट!

                
                                                         
                            खट्टे-खट्टे नींबू पानी,
                                                                 
                            
कैसे पीऊँ भरी जवानी!
कुकीज,बिस्कुट, मीठी चाय,
कैसे कह दूँ बाय बाय!
चॉकलेट, बर्गर,पिज़्ज़ा की
अब सही न जाए जुदाई,
बचपन से लेकर आज तक,
इन्होंने साथ निभाई।
आधा काम दाँतों ने कर दिया,
और जी भर के पानी भर लिया।

सुबह सुबह गुनगना पानी
करता हु तुमहे भेट
जो-जो मैं खाता-पीता जाऊँ,
तुम करते जाओ सेट।
तुम्हे क्या फिक्र
तुम्हारे पास है निकसी गेट
जठराग्नि तुम्हारी कमज़ोर
दोष मुझ पर ना लगाओ पेट!




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11 घंटे पहले

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