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चाँद, चाँदनी और तेरे बिन।

                
                                                         
                            रात को रोक दूँ, आने न दूँ दिन,
                                                                 
                            
एक पल न कटे चाँद, चाँदनी और तेरे बिन।

ये टिमटिमाते तारे और भी लगे प्यारे,
चाँद से निकले जब रोशनी के फव्वारे।
अंधेरों में जगमग उजाले हों, पास न आए दिन,
रात को रोक दूँ, आने न दूँ दिन,
एक पल न कटे चाँद, चाँदनी और तेरे बिन।

नदियों का संगीत और हवाओं की मद्धम चाल,
इन दोनों के जादू में चाँदनी लगे और भी बेमिसाल।
रह न पाऊँ मैं एक पल भी इनके बिन,
रात को रोक दूँ, आने न दूँ दिन,
एक पल न कटे चाँद, चाँदनी और तेरे बिन।

वक्त को बाँध दूँ, आने न दूँ सवेरा,
चाँद को डूबने न दूँ, हाथों में बस हाथ हो तेरा।
प्यारी चाँदनी, प्यार के हों हर पल-छिन,
रात को रोक दूँ, आने न दूँ दिन,
एक पल न कटे चाँद, चाँदनी और तेरे बिन।
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एक महीने पहले

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