जिंदगी जीऊ मै अपने शर्तों पर
किसी से मै क्यों डरू
मत छेड़ो मुझे वरना
हो जाऊंगा मै शुरू
मेरी ताकत मेरे हाथों में
दिमाग का नहीं कोई सानी है
कितना बताऊं कितना कहूं
मेरी अनोखी कहानी है
कोशिश करके देख लो
हरा मुझे नहीं पाओगे
हर बार तुम्हीं यार
हार की मुंह की खाओगे
जहां कदम रख दूं
उस धरती पर राज करता हु
एक हो या एक हजार
किसी से ना मै डरता हूं
मेरे शौर्य साहस के सामने
टीक कोई ना पाएगा
दुश्मन धूल चाट कर
हार कर वापस जाएगा
मेरे व्यक्तित्व की चमक ऐसी है
दुनिया को रोशन कर दे जो
दुश्मन सोचे यह एक है
ताकत बराबर जैसे सौ
जिंदगी जीऊ मै अपने शर्तों पर
किसी से मै क्यों डरू
मत छेड़ो मुझे वरना
हो जाऊंगा मै शुरू
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