तारीख़ गवाह है इसकी, फतेह मिली है
उसको जिसने पहला क़दम उठाया है
क़दम तुम्हारे ऐसे उठे जो बन जाए महान
हाथ तुम्हारे ऐसे उठे जो बन जाए पहचान
इस दुनिया में ज़िंदगी तो जीते हैं सभी
तुम जियो ऐसे कि तुम बन जाओ जहान
-अभय ‘अवधी’
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