दोस्त बन तो जल्दी जाते है
पर परखने में समय लगता है
पेड़ों पर फल लगते है पर
पकने मे उनको वक्त लगता है
शजर के चिकने पत्तों से उसके
मुस्तकबिल का पता चलता है
उभरते हुए चाँद को फ़लक का
हर सितारा सलाम करता है
-अभय ‘अवधी’
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X