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ऊपर से कुछ और नज़र आते हैं

                
                                                         
                            बालों को अपने रंग कर
                                                                 
                            
हम उम्र दराज़ होते हैं
मुख में नये नये नगीने
जड़ कर मुसकराते हैं
रंग बिरंगे परिधानों को
पहनकर ख़ुश हो जाते हैं
सेल्फ मोड में कार चला कर
अपनी जवानी को बरक़रार रखते हैं
पर हकीकत में हम अंदर से कुछ और
ऊपर से कुछ और नज़र आते हैं
-अभय ‘अवधी’
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एक दिन पहले

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