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मोर बोले नाच दिखाए,लहरा के वो पंख खोले

                
                                                         
                            मोर बोले नाच दिखाए,लहरा के वो पंख खोले,
                                                                 
                            
झूठ जाल में फंस के मोरनी सारे ही बोझ ढ़ो ले,
पंखों के सभी रंग दिखा चुरा लेता जो मन का चैन,
इस शैतान जंतु को ही तो,अंग्रेजी में कहते हैं मेन।

बोझ उठाने से घबराए बातें बड़ी बड़ी कर जाए,
क्रोध,दंभ से हो लाचार जिद में गर आए एक बार,
खाने को तत्पर तैयार सब्जी,दाल,रोटी, आचार,
नखरे करे हजरों बार पापड़ नही तो सब बेकार।

ये भी सच है बाहर जा कर.पैसे चार कमा कर लाए,
बॉस के आगे भीगी बिल्ली घर में शेर दहाड़ लगाये,
कहीं कभी चूहा बन जाए अंतर्मन में कुढ़ता जाये,
जरा कोई जोर से बोले ये बिल के अंदर छुप जाये।

बच्चे घर सारी जिम्मेदारी पड़ती मोरनी पर ही भारी,
स्कूल भेजना टिफिन बनाना होम वर्क बाकी तैयारी,
ये होती थोडी सी भावुक मीठी बातों में फंस जाती,
जंतु निपुण ये woo करने में,मोरनी तभी Woman कहलाती
 
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एक महीने पहले

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