एक ख्वाब तो मैं भी देखूँगी..
उस ख्वाब में उसे अपने पास देखूँगी..
उसके हाथों में अपना हाथ देखूँगी..
उसके चहरे की वो मुस्कान इतने पास से देखूँगी..
वो कितना कीमती हैं, मेरे लिए ये बात उसे बताना चाहूँगी..
एक बार उसे गले से लगाना चाहूँगी..
उसकी गोद में सर रखकर कुछ पल सोना चाहूँगी..
पता हैं.., मुझे ! असल में ऐसा कुछ नहीं हो सकता...
इसलिए मैं सिर्फ ऐसा एक ख्वाब देखूँगी..
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