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एक और जंजीर तड़कती है, भारत मां की जय बोलो: हरिवंशराय बच्चन

एक और जंजीर तड़कती है, भारत मां की जय बोलो: हरिवंशराय बच्चन
                
                                                         
                            इन जंजीरों की चर्चा में कितनों ने निज हाथ बँधाए,
                                                                 
                            
कितनों ने इनको छूने के कारण कारागार बसाए,
इन्हें पकड़ने में कितनों ने लाठी खाई, कोड़े ओड़े,
और इन्हें झटके देने में कितनों ने निज प्राण गँवाए!
किंतु शहीदों की आहों से शापित लोहा, कच्चा धागा।
एक और जंजीर तड़कती है, भारत मां की जय बोलो। आगे पढ़ें

3 वर्ष पहले

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