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झारखंड न्यूज: धनबाद के एसएनएमएमसीएच कॉलेज में पीजी सीटों का हुआ विस्तार, 19 से बढ़कर 44 होंगी सीटें
Sat, 19 Sep 2026 05:02 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Sat, 19 Sep 2026 05:02 PM IST
धनबाद के एसएनएमएमसीएच में पीजी सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। संस्थान ने मौजूदा 19 सीटों को बढ़ाकर 44 करने का प्रस्ताव एनएमसी को भेजा है। संभावित भौतिक निरीक्षण को देखते हुए कॉलेज प्रशासन तैयारियों में जुट गया है।
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शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल। फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम की सीटों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। संस्थान प्रबंधन ने वर्तमान में स्वीकृत 19 पीजी सीटों को बढ़ाकर 44 करने का प्रस्ताव नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) को भेजा है। एनएमसी की टीम किसी भी समय परिसर का भौतिक निरीक्षण कर सकती है। संभावित निरीक्षण की तैयारियों को देखते हुए कॉलेज प्रशासन विभिन्न विभागों में आवश्यक संसाधनों और व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुट गया है।
नेशनल मेडिकल कमीशन को भेजा प्रस्ताव
कुछ समय पहले कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान संस्थान द्वारा दी गई जानकारियों और मौके की वास्तविक सुविधाओं के बीच अंतर पाया गया था। इस मूल्यांकन में चिह्नित कमियों को दूर करने के लिए कॉलेज प्रशासन ने व्यापक स्तर पर सुधार कार्य शुरू कर दिए हैं। यद्यपि आधिकारिक स्तर पर इन कमियों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन एनएमसी के तय मानकों के अनुसार सभी तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य भौतिक जांच के दौरान आयोग के मापदंडों पर खरा उतरना है।
संसाधनों में सुधार और नई व्यवस्था
प्रस्तावित सीट बढ़ोतरी को ध्यान में रखकर अस्पताल परिसर में आधारभूत ढांचे को सुधारा जा रहा है। आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के साथ विभागों के ऑपरेशन थिएटर में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। नई मशीनें और उपकरण लगाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त ,मेडिकल कॉलेज के कक्षाओं और शैक्षणिक परिसरों को एनएमसी की नियमावली के अनुरूप सजाया-संवारा जा रहा है। संस्थान में उपलब्ध अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी नियमित आकलन किया जा रहा है।
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चार नए विभागों में पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति मांगी
वर्तमान में एसएनएमएमसीएच के सर्जरी विभाग में चार, ऑर्थोपेडिक्स में तीन, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में चार तथा मेडिसिन में छह सीटों पर पीजी की पढ़ाई हो रही है। कॉलेज प्रबंधन ने मौजूदा विभागों में नौ अतिरिक्त सीटों की मांग की है, जिसमें ऑर्थोपेडिक्स में तीन और स्त्री रोग विभाग में दो अतिरिक्त सीटें शामिल हैं।
ये भी पढ़ें- झारखंड: सीएम हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन की फिर बिगड़ी तबीयत, सांस लेने में तकलीफ के बाद अस्पताल में भर्ती
साथ ही, संस्थान ने चार नए विभागों में पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति मांगी है। इसके तहत एनेस्थीसिया में पांच, नेत्र रोग विभाग में दो, पैथोलॉजी में चार और शिशु रोग विभाग में पांच सीटों का प्रस्ताव है। नए विभागों की 16 और पुराने विभागों की नौ सीटों को मिलाकर कुल 25 नई सीटों का आवेदन किया गया है। एनएमसी की मंजूरी मिलते ही पीजी सीटों की संख्या 44 हो जाएगी, जिससे नए विशेषज्ञ चिकित्सकों के प्रशिक्षण के अवसर बढ़ेंगे।
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नेशनल मेडिकल कमीशन को भेजा प्रस्ताव
कुछ समय पहले कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान संस्थान द्वारा दी गई जानकारियों और मौके की वास्तविक सुविधाओं के बीच अंतर पाया गया था। इस मूल्यांकन में चिह्नित कमियों को दूर करने के लिए कॉलेज प्रशासन ने व्यापक स्तर पर सुधार कार्य शुरू कर दिए हैं। यद्यपि आधिकारिक स्तर पर इन कमियों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन एनएमसी के तय मानकों के अनुसार सभी तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य भौतिक जांच के दौरान आयोग के मापदंडों पर खरा उतरना है।
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संसाधनों में सुधार और नई व्यवस्था
प्रस्तावित सीट बढ़ोतरी को ध्यान में रखकर अस्पताल परिसर में आधारभूत ढांचे को सुधारा जा रहा है। आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के साथ विभागों के ऑपरेशन थिएटर में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। नई मशीनें और उपकरण लगाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त ,मेडिकल कॉलेज के कक्षाओं और शैक्षणिक परिसरों को एनएमसी की नियमावली के अनुरूप सजाया-संवारा जा रहा है। संस्थान में उपलब्ध अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी नियमित आकलन किया जा रहा है।
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चार नए विभागों में पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति मांगी
वर्तमान में एसएनएमएमसीएच के सर्जरी विभाग में चार, ऑर्थोपेडिक्स में तीन, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में चार तथा मेडिसिन में छह सीटों पर पीजी की पढ़ाई हो रही है। कॉलेज प्रबंधन ने मौजूदा विभागों में नौ अतिरिक्त सीटों की मांग की है, जिसमें ऑर्थोपेडिक्स में तीन और स्त्री रोग विभाग में दो अतिरिक्त सीटें शामिल हैं।
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साथ ही, संस्थान ने चार नए विभागों में पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति मांगी है। इसके तहत एनेस्थीसिया में पांच, नेत्र रोग विभाग में दो, पैथोलॉजी में चार और शिशु रोग विभाग में पांच सीटों का प्रस्ताव है। नए विभागों की 16 और पुराने विभागों की नौ सीटों को मिलाकर कुल 25 नई सीटों का आवेदन किया गया है। एनएमसी की मंजूरी मिलते ही पीजी सीटों की संख्या 44 हो जाएगी, जिससे नए विशेषज्ञ चिकित्सकों के प्रशिक्षण के अवसर बढ़ेंगे।