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Udhampur News: राजगढ़ के कुलथी में जमीन धंसने से तीन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
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रामबन। राजगढ़ क्षेत्र के निचले इलाकों में शनिवार को उस समय दहशत फैल गई, जब कुल्थी चक्का कुंडी इलाके में एक गैर-आवासीय ढांचा धंस गया और आसपास के कुछ घरों में दरारें दिखाई देने लगीं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए तीन परिवारों को प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया।
घटना की सूचना मिलते ही राजगढ़ के तहसीलदार मेजर सिंह के नेतृत्व में राजस्व एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने संभावित खतरे को देखते हुए प्रभावित परिवारों को तत्काल वहां से हटाया। प्रशासन की ओर से इन परिवारों के लिए अस्थायी आश्रय के तौर पर टेंट भी उपलब्ध कराए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने हाल में बगलिहार जलविद्युत परियोजना से छोड़े गए पानी को लेकर भी चिंता जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित फ्लैश-आउट/सिल्ट फ्लशिंग के दौरान अचानक पानी का प्रवाह और भारी डिस्चार्ज ढलानों की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है, जिसके चलते जमीन धंसने और मकानों में दरारें आने की स्थिति पैदा हुई।
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हालांकि, पानी के डिस्चार्ज और जमीन धंसने के बीच संबंध की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट कारणों का पता लगाने के लिए प्रभावित क्षेत्र की निगरानी और तकनीकी आकलन शुरू कर दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, इलाके की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे की जांच के बाद जमीन धंसने की वजह तथा नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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घटना की सूचना मिलते ही राजगढ़ के तहसीलदार मेजर सिंह के नेतृत्व में राजस्व एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने संभावित खतरे को देखते हुए प्रभावित परिवारों को तत्काल वहां से हटाया। प्रशासन की ओर से इन परिवारों के लिए अस्थायी आश्रय के तौर पर टेंट भी उपलब्ध कराए गए हैं।
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स्थानीय लोगों ने हाल में बगलिहार जलविद्युत परियोजना से छोड़े गए पानी को लेकर भी चिंता जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित फ्लैश-आउट/सिल्ट फ्लशिंग के दौरान अचानक पानी का प्रवाह और भारी डिस्चार्ज ढलानों की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है, जिसके चलते जमीन धंसने और मकानों में दरारें आने की स्थिति पैदा हुई।
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हालांकि, पानी के डिस्चार्ज और जमीन धंसने के बीच संबंध की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट कारणों का पता लगाने के लिए प्रभावित क्षेत्र की निगरानी और तकनीकी आकलन शुरू कर दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, इलाके की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे की जांच के बाद जमीन धंसने की वजह तथा नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।