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प्रशांत किशोर कितना पढ़े-कितने अमीर: करोड़ों की प्रॉपर्टी, पर परिवार में गाड़ी नहीं; इन पर कौन से आपराधिक केस?

Mon, 03 Aug 2026 06:29 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Mon, 03 Aug 2026 06:29 PM IST
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सार
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बांकीपुर से चुनाव जीतने वाले जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर कितने अमीर हैं? उनकी शिक्षा का क्या रिकॉर्ड सामने आया है? उनकी पत्नी जाह्नवी दास की संपत्ति का क्या ब्योरा है? इसके अलावा प्रशांत किशोर के आपराधिक रिकॉर्ड्स की क्या जानकारी है? 
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Prashant Kishor Assets Bankipur Assembly Bypoll Results 2026  Election Affidavit Properties Crime Cases Educat
प्रशांत किशोर की चुनावी कुंडली। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में जबरदस्त जीत हासिल की है। उन्होंने इस सीट पर 63 हजार 203 वोट हासिल किए, जबकि भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 44,250 वोट मिले। इस लिहाज से प्रशांत किशोर ने 18,953 वोटों से जीत दर्ज की। उनकी यह जीत इस लिहाज से अहम है कि बांकीपुर में बीते 31 साल से लगातार भाजपा का ही कब्जा था। इतना ही नहीं इस सीट पर लंबे समय तक भाजपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का कब्जा रहा। हालांकि, उनके सीट छोड़ने के बाद उपचुनाव में अब यहां प्रशांत किशोर का डंका बजा है। 


आइये जानते हैं कि बांकीपुर से चुनाव जीतने वाले प्रशांत किशोर कितने अमीर हैं? उनकी शिक्षा का क्या रिकॉर्ड सामने आया है? इसके अलावा उनके आपराधिक रिकॉर्ड्स की क्या जानकारी है?

 

1. क्या है प्रशांत किशोर की संपत्ति का रिकॉर्ड?

जुलाई 2026 में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए दाखिल किए गए उनके चुनावी हलफनामे में उनकी कुल संपत्ति करीब 197 करोड़ रुपये दर्शायी गई है। इसमें उनके और उनकी पत्नी की संपत्ति का ब्योरा दिया गया है। इसके मुताबिक, जहां प्रशांत किशोर खुद 96 करोड़ रुपये के मालिक हैं तो वहीं उनकी पत्नी जाह्नवी दास 101 करोड़ रुपये की मालकिन हैं। यह संपत्ति मुख्य रूप से उनके राजनीतिक सलाहकार के पेशे, निवेश और उनकी पत्नी के चिकित्सक-सलाहकार के पेशे से अर्जित की गई है।

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प्रशांत किशोर की अपनी संपत्ति: 96.06 करोड़ रुपये

चल संपत्ति: उनकी चल संपत्ति 22.19 करोड़ रुपये है। इसमें बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और बाजार निवेश के रूप में 7.36 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा उनके पास सिर्फ 1.35 लाख की एक सोने की अंगूठी ज्वैलरी के रूप में शामिल है। 

अचल संपत्ति: उनकी अचल संपत्ति 73.87 करोड़ रुपये है। इसमें बिहार के रोहतास में तीन एकड़ से अधिक जमीन पर स्थित एक बंद पड़ी राइस मिल, पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी, नई दिल्ली के वसंत विहार और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित कई आवासीय संपत्तियां और बक्सर में एक पैतृक संपत्ति का हिस्सा भी शामिल है।


पत्नी डॉ. जाह्नवी दास की संपत्ति: करीब 111.93 करोड़ रुपये

चल संपत्ति: प्रशांत किशोर की पत्नी के नाम पर 99.51 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा वेदास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड का है, जिसकी कीमत 95 करोड़ रुपये है। इसके अलावा उनके पास 64 लाख रुपये की कीमत का 475 ग्राम सोना और 46 हजार कीमत की चांदी है।

अचल संपत्ति: इसके अलावा उनकी 12.42 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति दर्ज है, जिसका बड़ा हिस्सा असम के गुवाहाटी और यूपी के नोएडा में है।

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हलफनामे के मुताबिक, प्रशांत किशोर और उनके परिवार पर कुल मिलाकर 6.32 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसमें से 5.77 करोड़ रुपये की देनदारी खुद प्रशांत किशोर पर और लगभग 55.38 लाख रुपये की देनदारी उनकी पत्नी पर है। एक गौर करने वाली बात यह है कि जाह्नवी दास ने अपनी संपत्ति में एक हिस्सा प्रशांत किशोर को 41 लाख रुपये का कर्ज देने का दर्शाया है।


कितना पढ़े-लिखे हैं प्रशांत किशोर?

स्कूली शिक्षा: उन्होंने 1991 में बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड के अंतर्गत बक्सर के एमपी. हाई स्कूल से मैट्रिक (10वीं) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद 1993 में उन्होंने बिहार इंटरमीडिएट शिक्षा परिषद के तहत प्रतिष्ठित पटना साइंस कॉलेज से इंटरमीडिएट (12वीं) की शिक्षा प्राप्त की।

स्नातक: उन्होंने 1996 से 1999 के बीच उत्तर प्रदेश के लखनऊ विश्वविद्यालय के बिजनेस स्टडीज विभाग से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) की डिग्री हासिल की।

स्नातकोत्तर: प्रशांत किशोर ने 2001 से 2003 के बीच एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (एएससीआई), हैदराबाद से मास्टर ऑफ हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेशन (स्वास्थ्य प्रबंधन में मास्टर्स) की डिग्री हासिल की। उनका यह कोर्स अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी और हिंदुजा अस्पताल के सहयोग से संचालित एक प्रोग्राम था।

विदेशी भाषा में योग्यता: 2010 में उन्होंने फ्रांस के क्लेरमोंट फेरैंड विश्वविद्यालय से जुड़े कैविलम विची से फ्रेंच भाषा में एक गहन योग्यता भी हासिल की।

स्वास्थ्य प्रबंधन में की गई उनकी यही उच्च शिक्षा उनके शुरुआती करियर का मुख्य आधार बनी, जिसकी वजह से राजनीति में कदम रखने से पहले वे अफ्रीकी देश चाड में संयुक्त राष्ट्र (यूनिसेफ) के सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में एक विशेषज्ञ के रूप में काम कर सके। 

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क्या है प्रशांत किशोर का आपराधिक रिकॉर्ड?

प्रशांत किशोर के खिलाफ कुल आठ आपराधिक मामले लंबित हैं। ये मामले मुख्य रूप से वर्ष 2024 और 2025 में दर्ज किए गए थे। उनके रिकॉर्ड में सबसे अहम पहलू यह है कि उन्हें अब तक किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है। इसके अलावा अभी तक किसी भी लंबित मामले में उन पर औपचारिक रूप से आरोप तय नहीं किए गए हैं।

हालांकि, भले ही उन पर लगे आरोपों पर चार्जशीट नहीं आई है, लेकिन दर्ज की गई प्राथमिकियों और शिकायतों में कई तरह के आरोप शामिल हैं...

दंगा और गैरकानूनी जमावड़ा: उन पर गैरकानूनी जमावड़ा करने और दंगा करने के आरोप हैं, जिनमें घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करने की धाराएं भी शामिल हैं।

सरकारी काम में बाधा: लोक सेवकों (सरकारी कर्मचारियों) को उनके कर्तव्य निर्वहन से रोकने या उन पर आपराधिक बल प्रयोग (हमला) करने के आरोप।

अन्य मामले: आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से जुड़ी धाराओं के तहत भी उनके खिलाफ शिकायतें हैं। वहीं, आपराधिक मानहानि, सरकारी आदेशों की अवहेलना करना, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना और नुकसान पहुंचाने को लेकर उन पर केस हैं। 

गौरतलब है कि प्रशांत किशोर पर ये मामले मुख्य रूप से पटना के गांधी मैदान, सचिवालय और पीरबहोर पुलिस स्टेशनों के अलावा सहरसा और मुजफ्फरपुर आदि में दर्ज किए गए हैं। पुलिस थानों में दर्ज कई मामलों के खिलाफ अपील की गई है और वर्तमान में उनकी पटना उच्च न्यायालय में कानूनी समीक्षा और पुनरीक्षण चल रहा है। मानहानि से जुड़ी कुछ शिकायतें अभी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के समक्ष संज्ञान लेने से पूर्व के चरण में लंबित हैं।
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