महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों की मराठी परीक्षा: आरटीओ ने शुरू किया अभियान; नियम तोड़ने पर क्या होगा?
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महाराष्ट्र भर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों ने गुरुवार को टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों के मराठी भाषा के व्यावहारिक ज्ञान की जांच करने के लिए एक अभियान शुरू किया। इसके साथ ही टीमों को इस अभ्यास की वीडियोग्राफी करने का आदेश दिया गया। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
क्या है नया आदेश ?
अधिकारियों ने बताया कि 12 अगस्त को अधिसूचित मोटर वाहन नियमों के अनुसार, इन सार्वजनिक परिवहन चालकों को मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान होना अनिवार्य है। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने बुधवार को राज्य भर में ड्राइवरों की मराठी भाषा की दक्षता की जांच के लिए एक महीने तक चलने वाले अभियान की घोषणा की और आरटीओ को इस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करने का निर्देश दिया।
किसे भाषा सीखने को अवसर मिलेगा?
अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ राज्यव्यापी अभियान की देखरेख करेंगे, जबकि आरटीओ के हवाई दस्तों को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। सरनाइक ने कहा है कि जिन ड्राइवरों में अपेक्षित दक्षता की कमी पाई जाएगी। उन्हें शुरू में भाषा सीखने का अवसर दिया जाएगा।
नियम ना पालन करने पर क्या होगा?
उन्होंने बुधवार को कहा कि अगर वे नियमों का पालन करने में विफल रहते हैं, तो उनका लाइसेंस और बैज तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। इसके साथ ही लगातार नियमों का पालन न करने पर लाइसेंस और बैज रद्द भी किया जा सकता है।
105 दिनों में कितने ड्राइवरों को मिला प्रशिक्षण?
उन्होंने कहा कि 105 दिनों के अभियान के दौरान 1.65 लाख ड्राइवरों को मराठी का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्हें प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।मुंबई के तारदेव आरटीओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि परिवहन आयुक्त कार्यालय से एक दिन पहले प्राप्त निर्देश के अनुसार कार्रवाई करने के लिए फ्लाइंग स्क्वाड को भी निर्देश दिए गए हैं।
सरनाइक के अनुसार, महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चलाने के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य होना 1989 से ही था, लेकिन इसे सख्ती से लागू नहीं किया गया था। 12 अगस्त को किए गए संबंधित कानूनी संशोधन के तहत अब इस प्रावधान को सख्ती से लागू किया जाएगा।