फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   karnataka legislative council election voting updates congress bjp jds candidates results

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव: चार सीटों पर मतदान शुरू, कांग्रेस के सामने भाजपा गठबंधन की चुनौती; 27 को नतीजे

Fri, 23 Oct 2026 09:40 AM IST
राकेश कुमार पीटीआई, बंगलूरू।
पीटीआई, बंगलूरू। Published by: राकेश कुमार Updated Fri, 23 Oct 2026 09:40 AM IST
सार
Register For Event

कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों पर कांग्रेस और भाजपा-जेडीएस गठबंधन के बीच मुकाबला है। भाजपा तीन सीटें बचाने और जेडीएस बंगलूरू शिक्षक सीट जीतने की कोशिश में है। कांग्रेस अपनी मौजूदा सीट बरकरार रखते हुए अन्य सीटों पर भी बढ़त बनाना चाहती है। मतदान के नतीजे 27 अक्तूबर को आएंगे।
 

विज्ञापन
karnataka legislative council election voting updates congress bjp jds candidates results
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों पर शुक्रवार सुबह आठ बजे से मतदान जारी है। सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा-जेडीएस गठबंधन के बीच इन सीटों पर मुकाबला है। मतदान शाम चार बजे तक चलेगा, जबकि मतगणना 27 अक्तूबर को होगी। इस चुनाव को भाजपा और जेडीएस के बीच तालमेल के साथ-साथ स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के बीच कांग्रेस के समर्थन की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।

विज्ञापन


किन चार सीटों पर हो रहा है चुनाव?
जिन चार निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हो रहा है, उनमें दक्षिण-पूर्व स्नातक, पश्चिम स्नातक, उत्तर-पूर्व शिक्षक और बंगलूरू शिक्षक सीट शामिल हैं। भाजपा ने तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि उसकी सहयोगी जेडीएस बंगलूरू शिक्षक सीट पर चुनाव लड़ रही है। भाजपा फिलहाल चार में से तीन सीटों पर काबिज है और उन्हें बरकरार रखना चाहती है। वहीं, जेडीएस की नजर बंगलूरू शिक्षक सीट पर है, जहां से कांग्रेस को हटाने की कोशिश है।
विज्ञापन


चारों सीटों पर किसके बीच मुकाबला है?
दक्षिण-पूर्व स्नातक सीट पर कांग्रेस के शशि हुलिकुंटे मठ का मुकाबला भाजपा के केएम सुरेश से है। पश्चिम स्नातक सीट पर कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई के सामने भाजपा के मौजूदा विधान परिषद सदस्य एसवी संकनूर हैं। उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट पर कांग्रेस के शरणप्पा मत्तूर और भाजपा के मौजूदा सदस्य शशिल जी. नमोशी आमने-सामने हैं। वहीं, बंगलूरू शिक्षक सीट पर कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य पुट्टन्ना का मुकाबला जेडीएस के एपी रंगनाथ से है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बंगलूरू शिक्षक सीट पर मुकाबला क्यों अहम है?
बंगलूरू शिक्षक सीट का मुकाबला खास माना जा रहा है, क्योंकि पुट्टन्ना पिछले विधानसभा चुनाव से पहले जेडीएस छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। पुट्टन्ना और जेडीएस उम्मीदवार एपी रंगनाथ दोनों वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं। ऐसे में इस सीट पर मुकाबला दोनों दलों के लिए अहम है। चुनाव यह भी परखेगा कि भाजपा और जेडीएस एक-दूसरे के उम्मीदवारों के पक्ष में अपने समर्थकों का वोट कितना स्थानांतरित करा पाते हैं।

बंगलूरू और गडग में मतदान केंद्रों के पास तनाव की स्थिति रही, जहां कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।  बंगलूरू के नागरभावी में एक मतदान केंद्र के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा विधायक मुनिरत्ना के साथ बदसलूकी की और उनके साथ हाथापाई की। वहीं, गडग में म्युनिसिपल कॉलेज के बाहर चुनाव नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई।

बंगलूरू में राजराजेश्वरी नगर से भाजपा विधायक मुनिरत्ना के नागरभावी स्थित मतदान केंद्र के पास पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया, उनके कपड़े फाड़ दिए और अपमानजनक नारे लगाए। इसके बाद दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

मुनिरत्ना ने कांग्रेस नेतृत्व, खासकर पूर्व सांसद डी.के. सुरेश और उनके बड़े भाई, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से डी.के. सुरेश बंगलूरू ग्रामीण लोकसभा चुनाव हारे हैं, तब से कांग्रेस कार्यकर्ता सुनियोजित तरीके से उन्हें निशाना बना रहे हैं और उन पर व्यक्तिगत और शारीरिक हमले कर रहे हैं।

बंगलूरू शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (टीचर्स कांस्टीट्यूएंसी) के चुनाव में कड़ा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां भाजपा-जेडी (एस) गठबंधन ने कांग्रेस उम्मीदवार पुट्टन्ना के खिलाफ ए.पी. रंगनाथ को मैदान में उतारा है। राजराजेश्वरी नगर और बंगलूरू ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्रों में मुनिरत्ना और डी.के. बंधुओं के बीच की प्रतिद्वंद्विता के कारण पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से टकराव हो चुका है।

इस बीच, गडग में 'वेस्टर्न ग्रेजुएट्स कांस्टीट्यूएंसी' (पश्चिमी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र) के चुनाव के दौरान म्युनिसिपल कॉलेज के बाहर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने नेताओं के समर्थन में नारे लगाए; भाजपा समर्थकों ने विधायक सी.सी. पाटिल के समर्थन में, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री एच.के. पाटिल के समर्थन में नारेबाजी की।

यह टकराव तब और बढ़ गया जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने चुनाव नियमों का उल्लंघन करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्र परिसर के अंदर आने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में पार्टी कार्यकर्ताओं को आने से रोकने के लिए पाबंदियां लागू होनी चाहिए थीं।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर अपने अधिकारों के दुरुपयोग और चुनाव नियमों को समान रूप से लागू न करने का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी जताई। सी.सी. पाटिल ने पुलिस अधिकारियों पर भी निशाना साधा और मांग की कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तुरंत मतदान केंद्र परिसर से हटाया जाए।

गडग में पुलिसकर्मियों को दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने और व्यवस्था बहाल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों के लिए मतदान हुआ, जिसमें दो स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव कराए गए। कुल 43 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। मतदाताओं ने उच्च सदन (अपर हाउस) के लिए अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: पांच सीटों पर 182 उम्मीदवार; महायुति और एमवीए की ताकत का इम्तिहान क्यों?


चुनाव का सरकार और विधान परिषद की ताकत पर क्या असर पड़ेगा?
कांग्रेस इस चुनाव में अपनी एकमात्र सीट बरकरार रखने के साथ दूसरी सीटों पर भी बढ़त बनाने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद, मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार किया है। हालांकि, नतीजों से राज्य सरकार की स्थिरता पर असर पड़ने की उम्मीद नहीं है, लेकिन विपक्षी गठबंधन का अच्छा प्रदर्शन कांग्रेस सरकार के खिलाफ उसे राजनीतिक मुद्दा दे सकता है। कांग्रेस 2023 में सत्ता में आई थी।

वर्तमान में 75 सदस्यीय विधान परिषद में कांग्रेस के 38, भाजपा के 24 और जेडीएस के छह सदस्य हैं। एक निर्दलीय सदस्य और सभापति सलीम अहमद भी सदन में हैं। सरकार की ओर से मनोनीत की जाने वाली पांच सीटें खाली हैं। इन रिक्त सीटों पर नियुक्तियां होने के बाद कांग्रेस की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जिससे चुनाव के नतीजों का सदन में कुल राजनीतिक संतुलन पर असर सीमित रह सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed