नोटबंदी के बाद स्मार्टफोन पर पेटीएम, ई-वालेट, चिल्लर आदि जैसे ऐप की भरमार है, लेकिन ऐसे ऐप आपको कैश से लेस कर सकते हैं। कारण, अब इन ऐप्लिकेशन्स से मिलते-जुलते तमाम ऐप भी आ गए हैं, जो लोगों को उलझन में डाल रहे हैं। कैशलेस भुगतान वाले ऐप की तरह ही दिखने वाले इन ऐप्लिकेशन्स से कोई ट्रांजेक्शन नहीं होता लेकिन इनके माध्यम से लोगों से धोखाधड़ी हो सकती है।
आगे की स्लाइड्स में देखिए कैसे हो रही है धोखाधड़ी...
भुगतान वाले ऐप ऐसे न करें डाउनलोड, कैश लेस हो जाओगे
भीम, पेटीएम, ई-वॉलेट, चिल्लर जैसे दिखने वाले ऐप में भी बैंक खाते का विवरण देना होता है। ऐसे में साइबर ठगी से इनकार नहीं किया जा सकता। तमाम ऐसे लोग हैं, जो बिना जांच-परख के कैशलेस भुगतान के लिए ऐप डाउनलोड कर लेते हैं। बैंक विवरण देने के बाद जब इस्तेमाल की बात आती है तो पता चलता है इससे लेनदेन नहीं हो सकता।
भुगतान वाले ऐप ऐसे न करें डाउनलोड, कैश लेस हो जाओगे
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एसबीआई
- फोटो : file photo
एसबीआई के डीजीएम संजय मिश्र कहते हैं कि कैशलेस सिस्टम संबंधी ऐप को डाउनलोड करने से पहले पूरी सत्यता परखी जाए। जागरूकता कार्यक्रम में सावधानी बरतने की सलाह भी दी जाती है। किसी प्रकार की समस्या पर संबंधित बैंक से सही जानकारी ली जा सकती है।
भुगतान वाले ऐप ऐसे न करें डाउनलोड, कैश लेस हो जाओगे
गलत ऐप डाउनलोड करने पर ठगी से इनकार नहीं किया जा सकता। काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक के रीजनल मैनेजर श्रीकांत उपाध्याय का कहना है कि सावधानीपूर्वक सही ऐप डाउनलोड करें। एक से दिखने वाले ऐप से भ्रमित न हों।
भुगतान वाले ऐप ऐसे न करें डाउनलोड, कैश लेस हो जाओगे
सिकरौल निवासी पवन सिंह बताते है कि गुगल प्ले स्टोर से भीम ऐप डाउनलोड करने गया तो एक ही नाम, एक ही तरह के कई ऐप दिखे। बैंक जाकर इसकी जानकारी ली, इसके बाद अब भीम ऐप का इस्तेमाल कर रहा हूं।