बांग्लादेशी पीएम के दौरे पर संशय बरकरार: राष्ट्रपति भवन ने रिहर्सल वाली विज्ञप्ति वापस ली, बढ़ी कूटनीतिक हलचल?
राष्ट्रपति भवन ने शनिवार को होने वाले 'चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी' को रद्द करने और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के स्वागत की रिहर्सल की जानकारी देने वाला बयान जारी किया, लेकिन करीब एक घंटे बाद इसे वापस ले लिया। बयान वापस लिए जाने से तारिक रहमान के प्रस्तावित भारत दौरे को लेकर असमंजस बढ़ गया है।
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बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के प्रस्तावित भारत दौरे को लेकर एक बार फिर असमंजस की स्थिति बन गई है। राष्ट्रपति भवन ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति जारी कर शनिवार को होने वाले चेंज ऑफ गार्ड समारोह को रद्द करने की जानकारी दी थी। इसके पीछे बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के औपचारिक स्वागत की फुल रिहर्सल को वजह बताया गया था। हालांकि, राष्ट्रपति भवन ने करीब एक घंटे बाद ही इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति वापस ले ली। इससे दौरे की स्थिति को लेकर कूटनीतिक हलचल और बढ़ गई है।
राष्ट्रपति भवन ने कौन सा बयान वापस लिया?
राष्ट्रपति भवन की ओर से पहले जारी विज्ञप्ति में कहा गया था कि 22 अगस्त को फोरकोर्ट में होने वाला चेंज ऑफ गार्ड समारोह नहीं होगा। इसकी वजह बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के औपचारिक स्वागत की पूरी रिहर्सल बताई गई थी। बाद में राष्ट्रपति भवन ने नया संक्षिप्त बयान जारी कर कहा कि 21 अगस्त को जारी 'नो चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी दिस सैटरडे' शीर्षक वाली प्रेस विज्ञप्ति वापस ली जाती है। बयान वापस लिए जाने से यह स्पष्ट नहीं हो सका कि तारिक रहमान के प्रस्तावित दौरे और स्वागत कार्यक्रम को लेकर अंतिम स्थिति क्या है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव क्यों बढ़ा?
तारिक रहमान के संभावित भारत दौरे को लेकर यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक संबंधों में तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के बीच प्रमुख विवादों में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग भी शामिल है। इसी पृष्ठभूमि में सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान तारिक रहमान की नई दिल्ली यात्रा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हाल के दिनों में भारत की ओर से संबंधों को सामान्य बनाने के संकेत जरूर दिए गए हैं। मंगलवार को ढाका में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने द्विपक्षीय संबंधों में तनाव कम करने की कोशिश की। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि तारिक रहमान की भारत यात्रा यादगार हो। त्रिवेदी ने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने केवल एक बात कही है- दोनों नेताओं को मिलना चाहिए।
बांग्लादेश ने भारत दौरे पर क्या कहा?
बांग्लादेश की ओर से हालांकि अभी भी इस यात्रा को लेकर सावधानी बरती जा रही है। गुरुवार को सरकारी समाचार एजेंसी BSS को दिए एक इंटरव्यू में बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि शिखर सम्मेलन में तारिक रहमान के शामिल होने की संभावना फिलहाल कम बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इसके लिए भारत की ओर से आपसी विश्वास वाला माहौल और सम्मानजनक निमंत्रण जरूरी होगा।
चेंज ऑफ गार्ड समारोह क्या होता है?
राष्ट्रपति भवन में चेंज ऑफ गार्ड समारोह आमतौर पर हर शनिवार सुबह आयोजित किया जाता है। करीब 30 मिनट चलने वाले इस समारोह में राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए तैनात नई सैन्य टुकड़ी पुरानी टुकड़ी से जिम्मेदारी संभालती है। राष्ट्रपति भवन के अनुसार, किसी राजपत्रित अवकाश वाले शनिवार को या राष्ट्रपति भवन की ओर से अधिसूचना जारी होने पर यह समारोह आयोजित नहीं किया जाता।
इस समारोह की शुरुआत कैसे होती है?
चेंज ऑफ गार्ड समारोह एक सैन्य परंपरा का हिस्सा है। इसके तहत महलों, किलों और रक्षा प्रतिष्ठानों में तैनात गार्ड और संतरी समय-समय पर बदले जाते हैं, ताकि नई टुकड़ी जिम्मेदारी संभाल सके। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति के लिए औपचारिक गार्ड और संतरी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सेरेमोनियल आर्मी गार्ड बटालियन की होती है। समारोह की शुरुआत राष्ट्रपति के अंगरक्षक यानी प्रेसिडेंट्स बॉडीगार्ड (PBG) के जवानों के घोड़ों पर सवार होकर जयपुर कॉलम के पीछे से आगे बढ़ने के साथ होती है। इस दौरान आर्मी ब्रास बैंड की धुन बजती है।
समारोह में क्या-क्या होता है?
इसके बाद परेड कमांडर आगे बढ़ते हैं और उनके आदेश पर गार्ड की टुकड़ी प्रवेश करती है। निरीक्षण के बाद नई और पुरानी गार्ड टुकड़ियां आमने-सामने अपनी जगह लेती हैं। दोनों टुकड़ियां एक-दूसरे के साथ राष्ट्रीय सलामी का आदान-प्रदान करती हैं। इसके बाद नई गार्ड टुकड़ी राष्ट्रपति भवन के गार्ड और संतरी की जिम्मेदारी संभाल लेती है। समारोह का समापन PBG के घुड़सवारी प्रदर्शन और राष्ट्रगान के साथ होता है।
राष्ट्रपति भवन ने समारोह में क्या बदलाव किए हैं?
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, चेंज ऑफ गार्ड समारोह को अधिक आकर्षक और आम लोगों के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से इसमें बदलाव किए गए हैं। समारोह का स्थान भी बदलकर राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में किया गया है, ताकि लोगों की पहुंच आसान हो। इसमें राष्ट्रपति के अंगरक्षकों के पारंपरिक वेशभूषा में घुड़सवारी प्रदर्शन को भी शामिल किया गया है।