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Sirmour News: डीएसपी विजय कुमार प्रकरण की हो स्वतंत्र जांच
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दलित शोषण मुक्ति मंच ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर उठाई मांग
चुराह प्रकरण की जांच और आरक्षण रोस्टर के बैकलॉग को भरने की भी उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। दलित शोषण मुक्ति मंच ने डीएसपी (मुख्यालय) शिमला विजय कुमार की ओर से उठाए गए कथित जातिगत उत्पीड़न के मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। मंच के राज्य संयोजक जगत राम और राज्य सह संयोजक आशीष कुमार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए। जगत राम और आशीष कुमार ने कहा कि विजय कुमार प्रकरण गंभीर है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इस मामले में डीजीपी तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह एवं सतर्कता) को तलब किया है। ऐसे में निष्पक्ष जांच के लिए डीजीपी को वर्तमान पद से हटाया जाए। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच ऐसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए, जो डीजीपी के प्रशासनिक नियंत्रण में न हो और जांच समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।
मंच ने चंबा-चुराह प्रकरण का मुद्दा भी उठाया। नेताओं ने कहा कि चुराह उत्सव के दौरान स्कूली बच्चों की ओर से प्रस्तुत नाटक को लेकर उठे विवाद की अभी तक निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। सरकार से तत्काल जांच करवाकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी भर्तियों और पदोन्नति में आरक्षण रोस्टर के प्रभावी पालन की मांग की। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों से किसी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। विभागवार रोस्टर की समीक्षा कर आरक्षित पदों का बैकलॉग तत्काल भरा जाए।
मंच ने एससी कंपोनेंट प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति के विकास के लिए निर्धारित धनराशि का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए होना चाहिए। धनराशि को दूसरे मदों में स्थानांतरित करने पर रोक लगाने के साथ पारदर्शी निगरानी व्यवस्था बनाने की मांग की गई। मंच ने चेतावनी दी कि इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में विवेक कश्यप, सतपाल मान, नरेश कुमार, निशा, नोख राम और ओम प्रकाश सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
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चुराह प्रकरण की जांच और आरक्षण रोस्टर के बैकलॉग को भरने की भी उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। दलित शोषण मुक्ति मंच ने डीएसपी (मुख्यालय) शिमला विजय कुमार की ओर से उठाए गए कथित जातिगत उत्पीड़न के मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। मंच के राज्य संयोजक जगत राम और राज्य सह संयोजक आशीष कुमार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए। जगत राम और आशीष कुमार ने कहा कि विजय कुमार प्रकरण गंभीर है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इस मामले में डीजीपी तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह एवं सतर्कता) को तलब किया है। ऐसे में निष्पक्ष जांच के लिए डीजीपी को वर्तमान पद से हटाया जाए। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच ऐसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए, जो डीजीपी के प्रशासनिक नियंत्रण में न हो और जांच समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।
मंच ने चंबा-चुराह प्रकरण का मुद्दा भी उठाया। नेताओं ने कहा कि चुराह उत्सव के दौरान स्कूली बच्चों की ओर से प्रस्तुत नाटक को लेकर उठे विवाद की अभी तक निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। सरकार से तत्काल जांच करवाकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी भर्तियों और पदोन्नति में आरक्षण रोस्टर के प्रभावी पालन की मांग की। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों से किसी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। विभागवार रोस्टर की समीक्षा कर आरक्षित पदों का बैकलॉग तत्काल भरा जाए।
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मंच ने एससी कंपोनेंट प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति के विकास के लिए निर्धारित धनराशि का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए होना चाहिए। धनराशि को दूसरे मदों में स्थानांतरित करने पर रोक लगाने के साथ पारदर्शी निगरानी व्यवस्था बनाने की मांग की गई। मंच ने चेतावनी दी कि इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में विवेक कश्यप, सतपाल मान, नरेश कुमार, निशा, नोख राम और ओम प्रकाश सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
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