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Mandi News: शिकारी देवी तक पहुंचने से पहले थुनाग में रुक गई ई-बस
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सड़क बनी सबसे बड़ी बाधा, 11 हजार फीट पर पहुंचने का दावा फेल
संवाद न्यूज एजेंसी
जंजैहली (मंडी)। जिले की सबसे ऊंची चोटी शिकारी देवी तक पहली बार इलेक्ट्रिक बस पहुंचाने का दावा ट्रायल में ही फेल हो गया। 11,020 फीट की ऊंचाई पर स्थित शिकारी देवी के लिए चंडीगढ़- सुंदरनगर-जंजैहली-शिकारी देवी रूट पर निकली एचआरटीसी की ई-बस थुनाग से आगे नहीं बढ़ सकी। सड़क की खस्ताहाल हालत के चलते बस को सुंदरनगर लौटना पड़ा।
सुंदरनगर से करीब 95 किलोमीटर दूर इस दुर्गम मार्ग पर थुनाग से आगे सड़क संकरी और गड्ढों से भरी है। ऐसे में चालक और तकनीकी टीम ने जोखिम न लेते हुए बस को थुनाग से ही वापस मोड़ दिया। एचआरटीसी प्रबंधन ई-बसों को पहाड़ी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों के अनुकूल साबित करने के लिए ट्रायल कर रहा था लेकिन सड़क की स्थिति ने व्यवस्था की पोल खोल दी।
जंजैहली निवासी नरेंद्र, ललित और दुर्गा दास ने कहा कि थुनाग से शिकारी देवी तक सड़क दुरुस्त किए बिना ऐसे ट्रायल महज औपचारिकता है। ग्रीन टूरिज्म और दुर्गम धार्मिक स्थलों को ई-बस सेवा से जोड़ने के दावों के बीच इस घटनाक्रम ने लोक निर्माण विभाग और एचआरटीसी के तालमेल पर भी सवाल खड़े किए हैं। एचआरटीसी सुंदरनगर डिपो के अड्डा प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि थुनाग से आगे सड़क की स्थिति बस के अनुकूल नहीं थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जंजैहली (मंडी)। जिले की सबसे ऊंची चोटी शिकारी देवी तक पहली बार इलेक्ट्रिक बस पहुंचाने का दावा ट्रायल में ही फेल हो गया। 11,020 फीट की ऊंचाई पर स्थित शिकारी देवी के लिए चंडीगढ़- सुंदरनगर-जंजैहली-शिकारी देवी रूट पर निकली एचआरटीसी की ई-बस थुनाग से आगे नहीं बढ़ सकी। सड़क की खस्ताहाल हालत के चलते बस को सुंदरनगर लौटना पड़ा।
सुंदरनगर से करीब 95 किलोमीटर दूर इस दुर्गम मार्ग पर थुनाग से आगे सड़क संकरी और गड्ढों से भरी है। ऐसे में चालक और तकनीकी टीम ने जोखिम न लेते हुए बस को थुनाग से ही वापस मोड़ दिया। एचआरटीसी प्रबंधन ई-बसों को पहाड़ी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों के अनुकूल साबित करने के लिए ट्रायल कर रहा था लेकिन सड़क की स्थिति ने व्यवस्था की पोल खोल दी।
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जंजैहली निवासी नरेंद्र, ललित और दुर्गा दास ने कहा कि थुनाग से शिकारी देवी तक सड़क दुरुस्त किए बिना ऐसे ट्रायल महज औपचारिकता है। ग्रीन टूरिज्म और दुर्गम धार्मिक स्थलों को ई-बस सेवा से जोड़ने के दावों के बीच इस घटनाक्रम ने लोक निर्माण विभाग और एचआरटीसी के तालमेल पर भी सवाल खड़े किए हैं। एचआरटीसी सुंदरनगर डिपो के अड्डा प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि थुनाग से आगे सड़क की स्थिति बस के अनुकूल नहीं थी।
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