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Ambala News: अंबाला में स्वाइन फ्लू के तीन मरीज मिले
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- चार साल के बच्चे और दो बुजुर्ग में पाया गया संक्रमण, बच्चा चंडीगढ़ पीजीआई में उपचाराधीन तो एक बुजुर्ग रेलवे अस्पताल व महिला निजी अस्पताल में दाखिल
- संक्रमित मरीजों के परिजनों को भी टेस्ट करवाने का निर्देश
- स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी अस्पतालों में जारी किया अलर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। जिले में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 के मरीज मिले हैं। एक चार साल के बच्चे और एक बुजुर्ग महिला और एक पुरुष में स्वाइन फ्लू का संक्रमण पाया गया है। एक साथ तीन मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
संक्रमित में शामिल चार वर्षीय बच्चा पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन है। वहीं, बराड़ा निवासी 50 वर्षीय बुजुर्ग का रेलवे अस्पताल में और 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। तीनों मरीजों पर विभाग नजर बनाए हुए है।
दौरे पड़ने के कारण पीजीआई किया था रेफर
अंबाला के महामारी नियंत्रक अधिकारी डॉ. सुनील हरी ने बताया कि बच्चे को पहले ही दौरे आदि समस्या के चलते चंडीगढ़ रेफर किया गया था। डॉक्टरों की जांच में वहां पर संक्रमण पाया गया। फिलहाल वह वहीं उपचाराधीन है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चा यहां से संक्रमित हुआ है या फिर अस्पताल जाकर। उधर, संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें भी अपने टेस्ट करवाने के लिए बोला गया है ताकि अन्य मरीजों का भी पता लगाया जा सके।
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अस्पतालों में आने वाले मरीजों पर विभाग की नजर, टेस्टिंग किट करवाई उपलब्ध
तीन मामलों के बाद सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी है। टेस्टिंग किट के साथ-साथ पर्याप्त दवा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी में आने वाले मरीजों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही कहा गया है कि कोई भी संदिग्ध मरीज आता है तो टेस्टिंग के साथ तुरंत ही सीएमओ कार्यालय में सूचित करना है ताकि मरीजों का फॉलोअप किया जा सके।
एच1एन1 एयरबोर्न हवा के जरिए फैलने वाला और अस्पताल से मिलने वाला इंफेक्शन भी हो सकता है। कोविड की तरह इसमें सभी के लिए अनिवार्य कांटेक्ट ट्रेसिंग प्रोटोकॉल लागू नहीं होता, इसलिए पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। मानसून के मौसम में खांसी, जुकाम, बुखार और निमोनिया जैसे लक्षण बढ़ना आम बात है। स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को अलर्ट पर रखा है और लक्षण दिखने पर लोगों से खुद जांच कराने की सलाह दी है।
- डॉ. सुनील हरी, महामारी नियंत्रक अधिकारी, अंबाला
--
शुरुआती लक्षण-
- ठंड लगने और पसीने के साथ अचानक तेज बुखार आना।
- लगातार सूखी खांसी होना, गले में खराश व नाक बहना या बंद होना।
- मांसपेशियों में ऐसा गंभीर दर्द जो आपको उठने न दे।
- सिर में भारीपन, बिना काम किए बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना।
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- संक्रमित मरीजों के परिजनों को भी टेस्ट करवाने का निर्देश
- स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी अस्पतालों में जारी किया अलर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। जिले में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 के मरीज मिले हैं। एक चार साल के बच्चे और एक बुजुर्ग महिला और एक पुरुष में स्वाइन फ्लू का संक्रमण पाया गया है। एक साथ तीन मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
संक्रमित में शामिल चार वर्षीय बच्चा पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन है। वहीं, बराड़ा निवासी 50 वर्षीय बुजुर्ग का रेलवे अस्पताल में और 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। तीनों मरीजों पर विभाग नजर बनाए हुए है।
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दौरे पड़ने के कारण पीजीआई किया था रेफर
अंबाला के महामारी नियंत्रक अधिकारी डॉ. सुनील हरी ने बताया कि बच्चे को पहले ही दौरे आदि समस्या के चलते चंडीगढ़ रेफर किया गया था। डॉक्टरों की जांच में वहां पर संक्रमण पाया गया। फिलहाल वह वहीं उपचाराधीन है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चा यहां से संक्रमित हुआ है या फिर अस्पताल जाकर। उधर, संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें भी अपने टेस्ट करवाने के लिए बोला गया है ताकि अन्य मरीजों का भी पता लगाया जा सके।
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अस्पतालों में आने वाले मरीजों पर विभाग की नजर, टेस्टिंग किट करवाई उपलब्ध
तीन मामलों के बाद सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी है। टेस्टिंग किट के साथ-साथ पर्याप्त दवा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी में आने वाले मरीजों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही कहा गया है कि कोई भी संदिग्ध मरीज आता है तो टेस्टिंग के साथ तुरंत ही सीएमओ कार्यालय में सूचित करना है ताकि मरीजों का फॉलोअप किया जा सके।
एच1एन1 एयरबोर्न हवा के जरिए फैलने वाला और अस्पताल से मिलने वाला इंफेक्शन भी हो सकता है। कोविड की तरह इसमें सभी के लिए अनिवार्य कांटेक्ट ट्रेसिंग प्रोटोकॉल लागू नहीं होता, इसलिए पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। मानसून के मौसम में खांसी, जुकाम, बुखार और निमोनिया जैसे लक्षण बढ़ना आम बात है। स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को अलर्ट पर रखा है और लक्षण दिखने पर लोगों से खुद जांच कराने की सलाह दी है।
- डॉ. सुनील हरी, महामारी नियंत्रक अधिकारी, अंबाला
शुरुआती लक्षण-
- ठंड लगने और पसीने के साथ अचानक तेज बुखार आना।
- लगातार सूखी खांसी होना, गले में खराश व नाक बहना या बंद होना।
- मांसपेशियों में ऐसा गंभीर दर्द जो आपको उठने न दे।
- सिर में भारीपन, बिना काम किए बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना।