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करियर पोर्टफोलियो: एक नौकरी से क्यों आगे बढ़ रहे Gen Z, कमाई के कई रास्ते चुनने की क्या है वजह?

Thu, 20 Aug 2026 04:37 PM IST
रिया दुबे न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: रिया दुबे Updated Thu, 20 Aug 2026 04:37 PM IST
सार
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Gen Z अब करियर को सिर्फ एक नौकरी तक सीमित नहीं रखना चाहते। नौकरी के साथ फ्रीलांसिंग, कारोबार और नई काबिलियत सीखकर युवा कई कमाई के रास्ते बना रहे हैं। नौकरी की असुरक्षा, AI का बढ़ता प्रभाव, आर्थिक दबाव और काम में लचीलापन इसकी बड़ी वजह हैं। 

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Career Portfolio: Why Gen Z Is Moving Beyond a Single Job and Building Multiple Income Streams
करियर पोर्टफोलियो - फोटो : Ai

विस्तार

आज की Gen Z के लिए करियर का मतलब सिर्फ एक कंपनी में नौकरी करना और वर्षों तक उसी पद पर बने रहना नहीं रह गया है। अब युवा एक नौकरी के साथ दूसरी काबिलियत सीखने, फ्रीलांस काम करने, छोटा कारोबार शुरू करने या कमाई का कोई अतिरिक्त जरिया बनाने पर भी ध्यान दे रहे हैं। यानी करियर अब एक सीधी सीढ़ी नहीं, बल्कि कई रास्तों से मिलकर बना करियर पोर्टफोलियो बनता जा रहा है।

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करियर पोर्टफोलियो का मतलब है कि व्यक्ति की पेशेवर पहचान सिर्फ उसकी एक नौकरी से तय न हो, बल्कि उसकी अलग-अलग काबिलियत, काम, प्रोजेक्ट और कमाई के साधन भी उसका हिस्सा हों। ऐसे में कोई व्यक्ति नौकरी के साथ फ्रीलांसिंग कर सकता है, कोई अपने क्षेत्र से जुड़ा छोटा कारोबार शुरू कर सकता है तो कोई नई तकनीक सीखकर भविष्य के लिए खुद को तैयार कर सकता है।

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क्यों बदल रही है Gen Z की सोच?

इस बदलाव के पीछे आर्थिक दबाव, नौकरी की असुरक्षा, खुद फैसले लेने की इच्छा और तेजी से कमाई बढ़ाने की चाह जैसे कई कारण हैं। लेकिन एक बड़ा कारण नौकरी की सुरक्षा को लेकर पुराना भरोसा टूटना भी है।

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इस पीढ़ी ने अपने आसपास ऐसे लोगों को देखा है, जिन्होंने एक ही कंपनी में लंबे समय तक काम किया और फिर भी उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। वहीं AI के बढ़ते इस्तेमाल ने भी युवाओं के मन में यह सवाल पैदा किया है कि आज की नौकरी कितने समय तक सुरक्षित रहेगी।

यही वजह है कि युवा अब अपनी पूरी आर्थिक सुरक्षा एक कंपनी के भरोसे नहीं छोड़ना चाहते। एक नौकरी उनकी मुख्य कमाई हो सकती है, लेकिन उसके साथ दूसरी काबिलियत और कमाई का जरिया भविष्य के लिए सुरक्षा का काम कर सकता है।

AI ने दूसरा काम शुरू करना आसान किया

पहले दूसरा काम या कारोबार शुरू करने के लिए ज्यादा पैसा, समय और विशेषज्ञता की जरूरत होती थी। Generative AI ने इनमें से कई बाधाओं को कम कर दिया है। आज एक व्यक्ति AI की मदद से प्रचार सामग्री तैयार कर सकता है, वेबसाइट बना सकता है, तस्वीर और वीडियो तैयार कर सकता है, आंकड़ों का विश्लेषण कर सकता है, प्रस्तुति बना सकता है और कई प्रशासनिक काम आसान कर सकता है।

AI ने विशेषज्ञता हासिल करने की लागत कम कर दी है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इंसानी काबिलियत की जरूरत खत्म हो गई है। अब समस्या पहचानने, ग्राहक को समझने, सही फैसला लेने और AI का सही इस्तेमाल करने की क्षमता ज्यादा अहम हो रही है।

IWG के मुताबिक, 55 फीसदी Gen Z का मानना है कि AI उनके करियर को बड़े स्तर पर बदलेगा। वहीं भारत में 90 फीसदी से ज्यादा Gen Z पेशेवर अपने रोजमर्रा के काम में AI का इस्तेमाल कर रहे हैं।

काम में लचीलापन भी जरूरी

करियर पोर्टफोलियो बनाने के लिए समय सबसे जरूरी चीज है। रोजाना लंबी दूरी तय करके दफ्तर जाने वाला व्यक्ति नौकरी के बाद फ्रीलांस काम, अपना कारोबार या नई काबिलियत सीखने के लिए कम समय निकाल पाएगा।

IWG के सर्वे में 65 फीसदी Gen Z ने कहा कि लंबी दूरी की रोजाना यात्रा होने पर वे कारोबार या कई कमाई के साधन शुरू करने के लिए कम इच्छुक होंगे। वहीं 24 फीसदी ने कहा कि काम में Flexibility मिलने से उन्हें Extra काम और नई काबिलियत सीखने के लिए ज्यादा समय मिलता है।

भारत की बढ़ती गिग अर्थव्यवस्था भी इस बदलाव को बढ़ावा दे रही है। नीति आयोग के अनुमान के मुताबिक, देश में गिग कामगारों की संख्या 2020-21 के 77 लाख से बढ़कर 2029-30 तक 2.35 करोड़ हो सकती है।

कई कमाई के साधन, लेकिन दबाव भी ज्यादा

करियर पोर्टफोलियो के फायदे हैं, लेकिन इसके साथ जोखिम भी हैं। एक व्यक्ति के पास नौकरी, फ्रीलांस काम, सोशल मीडिया और अपना कारोबार सब कुछ हो सकता है, लेकिन इससे काम का दबाव भी बढ़ सकता है।

कई कामों में बंट जाने से किसी एक क्षेत्र में विशेषज्ञता विकसित करने में भी परेशानी हो सकती है। इसलिए करियर पोर्टफोलियो का मतलब हर काम एक साथ करना नहीं है। इसका मतलब है अपनी मुख्य काबिलियत के साथ ऐसे दूसरे विकल्प तैयार करना, जो भविष्य में काम आ सकें।

नौकरी से ज्यादा अब काबिलियत पर भरोसा

Gen Z के लिए करियर पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा बदलाव यही है कि नौकरी अब पूरी पेशेवर पहचान नहीं रह गई है। युवा अपनी काबिलियत, संपर्क और अलग-अलग कामों को मिलाकर अपनी पहचान बना रहे हैं।
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