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फैक्ट चेक: चार साल पुराने वीडियो को दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन से जोड़कर किया जा रहा है शेयर

Wed, 14 Oct 2026 02:48 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला, नई दिल्ली
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 14 Oct 2026 02:48 PM IST
सार
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फैक्ट चेक:  सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा कि हिंदू संगठनो के लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं। हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को गलत पाया है। 

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Fact Check: A four-year-old video is being shared by linking it to the CJP protest.
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली में रहे प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। ऐसे ही एक वीडियो में लंबी-लंबी गाड़ी की कतार नजर आ रही है। इसके साथ ही वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि हिंदूवादी संगठन भी दिल्ली पहुंच रहे हैं। ये लोग यहां हो रहे प्रदर्शनों को रोकने की कोशिश करेंगे। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो चार साल पुराना है। इस वीडियो का मौजूदा प्रदर्शनों से कोई संबंध नहीं है। 

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क्या है दावा 

सोशल  मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि हिंदू संगठन भी प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली आ रहे हैं।

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अजीत यादव (@AjeetPaaudi) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, ‘ऑपरेशन कॉकरोच पकड़ो अब जमीन पर चुका है भुगतान!  जंतर-मंतर की तरफ से हिंदू धर्मगुरुओं का काफिला बढ़ रहा है। अब बड़े-बड़े दावे करने वालों को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। भागो कहां तक भागोगे तिलचट्टों...सामना करो।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

 

 

इसी तरह के अन्य पोस्ट के लिंक आप यहां और  यहां देख सकते हैं। वहीं, आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें rana_ashish_singh नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 21 फरवरी 2023 को साझा किया गया है। 

 

इसके बाद हमेंं एक और सोशल मीडिया अकाउंट पर वायरल वीडियो  देखने  को मिला। यह वीडियो 12 दिसंबर 2022 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि संत काशीबा महाराज (13वीं सदी ईस्वी), जिन्हें गुरव महाराज के नाम से भी जाना जाता है, महाराष्ट्र के एक गांव में एक पवित्र हिंदू ब्राह्मण परिवार में पैदा हुए थे। उन्होंने पूरे उत्साह के साथ शिव मंदिर में पुजारी के तौर पर सेवा की, भगवान की पूजा-अर्चना की और बिना किसी जाति, पंथ या समुदाय का भेदभाव किए मंदिर आने वाले ग्रामीणों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने लोगों को भगवान शिव की पूजा करने के लिए प्रेरित किया और उन्हें अपने हाथों से शिवलिंग का दुग्धाभिषेक करने के लिए कहा।

 

 

 यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो  करीब चार साल पुराना है। आगे की पड़ताल में हमने बजरंग दल के एक्स हैंडल सर्च किया। इस दौरान एक पोस्ट मिला। इस पोस्ट में बताया गया है कि देश में किसी भी प्रकार के अराजक प्रदर्शन का बजरंग दल सदा विरोध करता रहा है।  मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की आड में हो रहे ऐसे प्रदर्शनों का भी बजरंग दल विरोध करता है। वहीं दूसरी, ओर कुछ लोग जंतर-मंतर पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं के आने के भ्रामक दुष्प्रचार में जुटे हैं। जबकि बजरंग दल की ओर से ऐसी कोई योजना नहीं है। वैसे भी, जन समर्थन के अभाव में यह कथित आंदोलन, पूर्व की भांति, अपनी स्वाभाविक मौत मरने ही वाला है।

 

 पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को करीब चार साल पुराना पाया है। 

 

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