NEET-JEE EXAM 2020: जानिए, छात्रों और शिक्षाविदों का क्या है कहना? परीक्षा को लेकर घमासान
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NEET-JEE EXAM 2020: नीट और जेईई परीक्षा के आयोजन को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। छात्रों के एक वर्ग का कहना है कि जब सरकार विश्वविद्यालयों की दूसरी परीक्षाओं को स्थगित कर सकती है, तो फिर नीट और जेईई परीक्षा को रद्द क्यों नहीं कर सकती? वहीं, सरकार साफ कर चुकी है कि नीट व जेईई परीक्षा तय तारीख पर होगी। अब इस पूरे मसले पर घमासान शुरू हो गया है।
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विपक्षी दल, बॉलीवुड हस्तियां और कई सोशल मीडिया यूजर्स परीक्षा स्थगित करने की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में आ गए हैं। जबकि, कई छात्रों का साफ कहना है कि वे नीट-जईई परीक्षा में कतई देरी नहीं चाहते एवं परीक्षा देने के लिए तैयार हैं। क्योंकि कोरोना वायरस की वजह से ये प्रवेश परीक्षाएं पहले से ही विलंब हो चुकी हैं और आगे स्थगित होने का मतलब है, परीक्षाओं को लेकर और ज्यादा तनाव होना।
क्या आप मानते हैं कि सितंबर में होने वाली #NEETJEE परीक्षा का आयोजन किया जाना चाहिए?#NEET2020 #NEET
— Amar Ujala (@AmarUjalaNews) August 26, 2020
एनएसयूआई की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी की छात्र ईकाई एनएसयूआई (NSUI) ने नीट व जेईई परीक्षा को स्थगित करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। एनएसयूआई के अध्यक्ष नीरज कुंदन और इस छात्र संगठन की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष ने आठ अन्य सदस्यों के साथ भूख हड़ताल शुरू की है। वहीं, छात्र कल से परीक्षा कराने के सरकार के फैसले के खिलाफ देशव्यापी धरने पर जा रहे हैं। छात्र अपने घर से ही परीक्षा के आयोजन का विरोध करेंगे और काले झंडे दिखाएंगे। हाथों और माथे पर काले पट्टे पहनेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्र काले मास्क पहनकर और अपनी प्रोफाइल पिक्चर काली करके परीक्षा को स्थगित करने की मांग करेंगे।
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दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी केंद्र सरकार से चिकित्सा और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा रद्द करने की अपील की है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक पहले ही इन प्रवेश परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग कर चुके हैं।
ममता बनर्जी का कहना है कि नीट और जेईई परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या लाखों हैं और ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं है। उन्होंने कहा- मैंने परीक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई पत्र लिखे हैं और कहा है कि जब छात्र परेशान हैं, तो ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपील कर रिव्यू की मांग कर सकती है।
वहीं, दिल्ली अभिभावक संघ ने भी नीट और जेईई परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की है। मशहूर पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थुनबर्ग मंगलवार को ही नीट और जेईई परीक्षा को स्थगित करने की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में उतर गई थीं। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान नीट-जेईई परीक्षा के आयोजन को अनुचित बताया था। दूसरी तरफ, चार हजार से ज्यादा विद्यार्थी पहले ही नीट परीक्षा के स्थगित करने की मांग को लेकर एक दिन की भूख हड़ताल कर चुके हैं।
Please announce the postponement of the exam immediately#MODIJI_POSPTONEJEENEET #WeLovePmModi#MODIJI_HELPJEENEET pic.twitter.com/qsdhofig3i
— Delhi Parents Association / दिल्ली अभिभावक संघ (@DelhiparentsDPA) August 25, 2020
क्या कहना है छात्रों और शिक्षाविदों का?
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के पूर्व कुलपति गिरीश्वर मिश्र का कहना है कि सरकार को नीट व जेईई परीक्षा के आयोजन में जल्दबाजी नहीं करना चाहिए। इन परीक्षाओं के लिए छात्रों को बेहतर तैयारी की जरूरत होती है, जो कि कोरोना संकट की वजह से बाधित हुई है, ऐसे में इन परीक्षाओं को स्थगित कर देना चाहिए।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर राघवेंद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि कोरोना संकट के इस दौर में नीट व जेईई परीक्षाओं का आयोजन जोखिम का काम है। लेकिन सरकार की चिंताओं को भी खारिज नहीं किया जा सकता। एक बार इन प्रतिष्ठित परीक्षाओं का सिलसिला बिगड़ा, तो दूसरा संकट पैदा हो सकता है। ऐसे में मेरा मानना है कि सरकार को केंद्रों कि संख्या बढ़ाकर और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करके ही यह परीक्षा करानी चाहिए।
वहीं, बस्ती जिले के जगदीशपुर गांव निवासी सीमा पांडे का कहना है कि नीट व जेईई परीक्षाओं को स्थगित कर देना चाहिए। क्योंकि कई छात्र ऐसे इलाकों से आते हैं, जहां ट्रांसपोर्ट की दिक्कत है और उनके परीक्षा केंद्र काफी दूर हैं। इसके अलावा, कई जिलों में कोरोना का संक्रमण काफी है जिसकी वजह से छात्रों के साथ ही अभिभावक भी डरे हुए हैं। नीट परीक्षा की तैयारी कर नीलय उपाध्याय का कहना है कि जिस प्रकार से कोरोना की स्थिति चल रही है, ऐसे में परीक्षा को अगर सरकार टाल देती, तो छात्रों के लिए सही रहता।
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