चावड़ी बाजार हादसा: फरीदाबाद से तीन ठेकेदार गिरफ्तार, दुर्घटना में दो लोगों की हो चुकी है मौत
चावड़ी बाजार की गली शीश महल में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत के ढह जाने के मामले में पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद जिले की दौज तहसील के सिरोही गांव से तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में ताजुद्दीन पुत्र सैमुद्दीन निवासी 4409 गली सितारा अजमेरी गेट दिल्ली, फुरकान पुत्र अब्दुल हफीस निवासी 2994 गली नाल वाली शाहगंज चौक अजमेरी गेट दिल्ली और सिराज पुत्र लेफ्टिनेंट अब्दुल सकूर निवासी एच. नंबर 4282 गली सितारा अजमेरी गेट दिल्ली, शामिल हैं।
Delhi | Delhi Police has arrested three contractors from Village Sirohi, Tehsil Dauj, District Faridabad, Haryana, in connection with the tragic collapse of an under-construction three-storey building at Gali Sheesh Mahal, Chawri Bazar yesterday. Photos of the three accused contractors: Siraj, Tajuddin, and Furkan (Photo source: Delhi Police)
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— ANI (@ANI) November 6, 2026
कल पुरानी दिल्ली यानी दिल्ली-6 के चावड़ी बाजार में बृहस्पतिवार सुबह करीब 9:50 बजे निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढह गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। मृतकों की पहचान रेलवे कॉलोनी, मंडावली निवासी किशोरी (40) और संजीत (45) के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि मलबे में अभी और लोगों के फंसे होने की आशंका है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर हालात जाने और घटना की जांच के आदेश दिए हैं। सीएम ने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।साथ ही उन्होंने अधिकारियों को ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। दूसरी ओर, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने निर्माणाधीन इमारत ढहने के मामले में बृहस्पतिवार को दो अधिकारियों, संबंधित कनिष्ठ अभियंता (जेई) और सहायक अभियंता (एई) को निलंबित कर दिया। उन्होंने आम जनता से भी निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।
चावड़ी मेट्रो स्टेशन के सामने हुआ हादसा : दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह करीब 9:50 बजे गली शाहतारा स्थित शीश महल में इमारत ढहने की सूचना मिली। यह स्थान चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के सामने है। अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि डीएफएस की टीम ने मलबे से दो लोगों को मृत अवस्था में बाहर निकाला। टीम के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने पांच अन्य लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया था। वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में दमकल की कई गाड़ियां बचाव अभियान चला रही हैं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी रहने की संभावना है।
इमारत ढहने की वजह : एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस भूखंड पर तीन मंजिला इमारत ढही (चौथी मंजिल का काम चल रहा था), उसका क्षेत्रफल 50 वर्ग मीटर था। इस इमारत के लिए भवन निर्माण योजना स्वीकृत नहीं कराई गई थी और निर्माण को लेकर नगर निगम को कोई शिकायत भी नहीं मिली थी। अधिकारी ने बताया कि इमारत का निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन करीब 15 दिन पहले इसे रोक दिया गया था। हादसे के समय मजदूर छत के नीचे लगे सहारों को हटाने का काम कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप नहीं थी और ठीक से जम भी नहीं पाई थी। माना जा रहा है कि यह भी इमारत ढहने की एक वजह हो सकती है।
आसपास के लोगों को बाहर निकाला : मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि हौज काजी इलाके में स्थित यह इमारत तीसरी मंजिल तक बनी हुई थी और चौथी मंजिल की छत का लिंटर डालने के दौरान ढह गई। उन्होंने बताया कि आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों को बाहर निकाल लिया गया है, क्योंकि इससे सटी एक इमारत की स्थिति भी खतरनाक थी। सिंह ने कहा कि पुलिस ने ठेकेदार की पहचान कर ली है और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य अनधिकृत रूप से किया जा रहा था। डीसीपी के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान वहां करीब 10 से 15 मजदूर मौजूद थे।
मामला दर्ज किया गया : डीसीपी सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह करीब 9:50 बजे चावड़ी बाजार की गली शीश महल में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढह गई। दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ, दिल्ली अग्निशमन सेवा और एमसीडी की टीमें संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रही हैं। उन्होंने बताया कि मंडावली निवासी सहदेव चौधरी (25), पुत्र दारा चौधरी और रेलवे कॉलोनी, मंडावली निवासी फिरोज (37), पुत्र तौहीद को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। वहीं, कई अन्य लोग मामूली रूप से घायल हुए थे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि इमारत के मालिकों और ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया गया है।