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एमबीबीएस दाखिले की काउंसलिंग: जाति प्रमाणपत्र भी जांच के घेरे में; आठ अभ्यर्थी मूल दस्तावेजों के साथ तलब
Tue, 15 Sep 2026 12:27 AM IST
Alka Tyagi
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Tue, 15 Sep 2026 12:27 AM IST
विश्वविद्यालय प्रशासन मंगलवार को अभ्यर्थियों के मूल जाति प्रमाणपत्र समेत अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच करेगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रमाणपत्र निर्धारित नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।
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- फोटो : freepik.com(प्रतीकात्मक)
विस्तार
एमबीबीएस दाखिले की काउंसलिंग में अब जाति प्रमाणपत्रों की वैधता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। नीट-यूजी काउंसलिंग के प्रथम चरण में सीट हासिल करने वाले आठ अभ्यर्थियों के एससी-एसटी प्रमाणपत्रों की भी शिकायतें मिली हैं। इसके बाद एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी आठ अभ्यर्थियों को मूल दस्तावेजों के साथ तलब किया है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन मंगलवार को अभ्यर्थियों के मूल जाति प्रमाणपत्र समेत अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच करेगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रमाणपत्र निर्धारित नियमों के अनुरूप हैं या नहीं। शिकायतों में अभ्यर्थियों के एससी-एसटी आरक्षण से संबंधित प्रमाण पत्रों की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय ने दस्तावेजों का विस्तृत सत्यापन कराने का निर्णय लिया है।
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जांच के दौरान प्रमाणपत्र जारी करने वाले सक्षम प्राधिकारी, प्रमाणपत्र की वैधता और आरक्षण का लाभ लेने के लिए निर्धारित पात्रता समेत अन्य बिंदुओं की जांच की जाएगी। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल ने आठ अभ्यर्थियों को मूल दस्तावेजों के साथ बुलाए जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सभी प्रमाणपत्रों की गहनता से जांच की जाएगी। सत्यापन के बाद ही शिकायतों की वास्तविकता सामने आएगी। यदि जांच में प्रमाणपत्र नियमों के विपरीत पाए जाते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।