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छत्तीसगढ़: इन चार शहरों में चलेंगी 240 पीएम ई-बसें: यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधायें, जानें स्टॉपेज
Sat, 17 Oct 2026 02:13 PM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Sat, 17 Oct 2026 02:13 PM IST
छत्तीसगढ़ के प्रमुख चार शहरों में जल्द ही 240 पीएम ई-बसें चलाई जायेंगी। इन बसों में यात्रियों को आधुनिक सुविधायें मिलेंगी। ये पीएम ई-बसें रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा शहर में जलाई जायेंगी। इसके लिये बस स्टॉपेज को लेकर ऑनलाइन सर्वे के जरिए जनता से राय गई थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
छत्तीसगढ़ के प्रमुख चार शहरों में जल्द ही 240 पीएम ई-बसें चलाई जायेंगी। इन बसों में यात्रियों को आधुनिक सुविधायें मिलेंगी। ये पीएम ई-बसें रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा शहर में जलाई जायेंगी। इसके लिये बस स्टॉपेज को लेकर ऑनलाइन सर्वे के जरिए जनता से राय गई थी। चारों शहरों के नगर निगम ने रूट और स्टॉपेज तय कर दिये गये हैं। जल्द ही ये बसें सड़क पर दौड़ने लगेंगी।
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रायपुर नगर निगम पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत 100 नई ई-बसें चलाएगा। इसके लिये राजधानी के जरवाय में मॉर्डन बस डिपो बन रहा है। बसों के रखरखाव और चार्जिंग के लिए जरवाय में करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक ई-बस टर्मिनल और केंद्रीय डिपो कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। जरवाय में करीब 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। वहीं कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई में 80 से 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। केवल रायपुर राजधानी ही इस मामले में पिछड़ा हुआ है। इस योजना के तहत रायपुर में 100 बसें चलाई जायेंगी। इसी तरह दुर्ग-भिलाई में 50, बिलासपुर में 50 और कोरबा में 50 पीएम ई-बसें चलाई जायेंगी। इस तरह कुल 240 बसें सड़क पर फर्रोटे भरेंगी।
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बिलासपुर में 50 इलेक्ट्रिक बसों को चलाने की कवायद तेज
बिलासपुर नगर निगम ने शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 50 इलेक्ट्रिक बसों को चलाने की कवायद तेज कर दिया है। निगम ने आगामी नवंबर तक 20 और दिसंबर तक सभी 50 ई-बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य तय किया है। बेड़े में 35 फुल साइज और 15 मिनी बसें शामिल होंगी। नगर निगम के इंजीनियर ने पुणे में बन रहे बसों के मॉडल और डिजाइन का निरीक्षण किया है, जहां शहर की सड़कों के हिसाब से बसों का ग्राउंड क्लीयरेंस आम बसों की तुलना में थोड़ा अधिक रखा गया है।
419 किलोमीटर नेटवर्क और 15 रूट
ई-बस सेवा लगभग 419 किलोमीटर लंबे नेटवर्क पर संचालित होगी, जिसके लिए शहर में 15 रूट तय किए गए हैं। इन बसों के शुरू होने से रतनपुर-खूंटाघाट, कोटा और कानन पेंडारी से तखतपुर जैसे प्रमुख क्षेत्रों तक यात्रियों का आवागमन सुलभ हो जाएगा। नगर निगम के ई-बस नोडल अधिकारी अनुपम तिवारी के अनुसार, एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर ई-बस लगभग 160 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है। इस सेवा के शुरू होने से शहर, उपनगरीय क्षेत्रों, प्रमुख धार्मिक तथा पर्यटन स्थलों और नजदीकी ब्लॉक व तहसीलों तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
कोनी में आठ करोड़ रुपये से केंद्रीय डिपो
बसों के रखरखाव और चार्जिंग के लिए कोनी में लगभग आठ करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ई-बस टर्मिनल और केंद्रीय डिपो कॉम्प्लेक्स विकसित किया जा रहा है। ई-बस चार्जिंग पॉइंट का निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। यहां बनाए गए 28 फास्ट चार्जिंग पॉइंट से एक साथ 28 बसों को चार्ज किया जा सकेगा। डिपो परिसर में बसों की मरम्मत के लिए वर्कशॉप, बिजली आपूर्ति हेतु पावर सब-स्टेशन और कार्यालय का निर्माण भी चल रहा है। धुलाई के दौरान पानी की बचत के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जा रहा है, जिससे शोधित पानी का पुनरुपयोग हो सकेगा। चालकों और कर्मचारियों के रात्रि विश्राम के लिए रैन बसेरा, कवर्ड व ओपन पार्किंग तथा ग्रीन एरिया भी बनाया जा रहा है।
यात्रियों के लिए मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
ई-बस सेवा में यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। यात्री मोबाइल एप के जरिये बस की लाइव लोकेशन और स्टॉप पर पहुंचने का अनुमानित समय देख सकेंगे। एप से ई-टिकट बुक करने, मासिक पास बनवाने और सीटों की उपलब्धता जांचने की सुविधा भी मिलेगी। बसों में कंडक्टरों के पास एंड्रॉइड आधारित ई-टिकटिंग मशीन रहेगी, जिससे यात्री यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त यात्री सूचना प्रणाली के तहत डिजिटल बोर्ड और ऑटोमैटिक वॉइस अनाउंसमेंट के माध्यम से अगले स्टॉप की जानकारी हिंदी और अंग्रेजी में दी जाएगी।
यहां रहेंगे स्टॉपेज
इन चार शहरों के स्कूल, कॉलेज, अस्पताल समेत कई जगहों पर स्टॉपेज बनाये गये हैं। जहां से यात्री बसें पकड़ सकेंगे। बस कंडक्टर, ड्राइवर, टिकट संग्राहक समेत सभी व्यवस्थाओं को अंतिम मूर्त रूप दिया जा रहा है।