CG Politics: छत्तीसगढ़ कांग्रेस में आई जान; बिछने लगी विधानसभा चुनाव 2028 की चुनावी बिसात, बन रही चुनावी रणनति
CG Politics: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2028 को लेकर प्रदेश में चुनावी बिसात अभी से बिछने लगी है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां अपने-अपने स्तर पर कार्य करना शुरू कर दी हैं।
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CG Politics: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2028 को लेकर प्रदेश में चुनावी बिसात अभी से बिछने लगी है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां अपने-अपने स्तर पर कार्य करना शुरू कर दी हैं। इस संबंध में चुनावी रणनीति बननी शुरू हो गई है। इसके लिये कैंपेन भी बनाये और चलाये जा रहे हैं। कई जनसंपर्क संगठनों को इसकी जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर दोनों ही पार्टियों में जमीनी लड़ाई शुरू हो चुकी है। जिसकी बिसात नीट मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर प्रदर्शन से शुरू हो चुकी है। इस मामले ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस में जान फूंक दी है।
पिछले तीन दिनों में जिस तरह से कांग्रेस ने सत्तापक्ष को घेरने का काम किया है। बीजेपी कार्यालय घेराव से लेकर रायपुर के खम्हारडीह पुलिस थाने में 18 घंटे से अधिक समय तक अनिश्चितकालीन हड़ताल तक। इन सभी मामलों से साफ जाहिर है कि कांग्रेस चुनावी मोड में पूरी तरह से उतर चुकी है। मामले में पुलिस की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिये जाने पर कांग्रेस ने एक सप्ताह के लिये अनिश्चितकालीन हड़ताल टाल दी है।
कांग्रेस के सभी नेता इस मामले में एकजुट नजर आये। सभी ने राज्य सरकार पर जुबानी हमला बोलने से नहीं चुके। बीजेपी कहीं न कहीं इस मामले में सफाई देती नजर आई। हालांकि बीजेपी ने ही राहुल गांधी के दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस कार्यलय घेरने का काम किया था पर पार्टी इस मामले में काफी हद तक कमजोर नजर आई।
बीजेपी को घेरा
पिछले तीन, चार दिनों में राज्य में विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस बीजेपी को चौतरफा घेरने का काम किया है। इस प्रकरण को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमाई हुई है। मामले में पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर हमलावर हैं। एक दूसरे पर जमकर निशाना साध रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बीजेपी और राज्य सरकार पर जुबानी हमला बोलेत हुए कहा कि पिछले दिनों राज्य सरकार के मंत्रियों ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में हमला बोला था। इस हमले के बाद पुलिस ने शाम को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज की है। हमला हमारे दफ्तर पर हुआ। वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले, पत्थर और डंडे से हम पर हमला किया गया और उल्टे हम पर ही एफआईआर की गई है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के जितने भी वीडियो हैं, वह बता रहे कि सारे आक्रमण, सारे पत्थर बीजेपी ने कांग्रेस पर बरसाये हैं। मामले में बड़ा सवाल यह है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई क्यों की? छह मंत्री भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हमारे कार्यालय पर हमला किये थे। हमला हम पर हुआ और हमारे खिलाफ ही एफआईआर दर्ज होना, यह बताता है कि पुलिस भाजपा की अनुषांगिक संगठन बन चुकी है।
'मंत्रियों को बर्खास्त करें सरकार'
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यह बेहद आपत्तिजनक है कि कांग्रेस कार्यालय पर किये गये हमले में भाजपा सरकार के सभी मंत्री शामिल थे। वो मंत्री जिनके ऊपर राज्य के लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी होती है। वे सारे मंत्री विपक्षी दल के दफ्तर पर हमला करने आये थे। मंत्रियों ने अपने कर्तव्य की निर्वहन के लिये संविधान की जो शपथ जो शपथ ली है, उसका घोर उल्लंघन है। ऐसे मंत्री बर्खास्त होने चाहिये। भाजपा ने सत्ता के दंभ में लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार किया है। अपने सत्ताबल का दुरुपयोग किया है। यह प्रदर्शन भाजपा का नहीं सरकार का था भले ही मुख्यमंत्री इस प्रदर्शन में नहीं आये पर उनकी पूरी सरकार आई थी।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़
बैज ने कहा कि एक तरफ युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। पेपर लीक करा रहे दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। ऊपर से विरोध करने पर विपक्षी दल के दफ्तर पर हमले किये जा रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के ऊपर पत्थरों से, चप्पलों से, नारियल के खोल से, पानी पाऊच से और डंडे से हमला किया। इसमें कांग्रेस के छह से अधिक कार्यकर्ता घायल हुए हैं। हमारी महिला कार्यकर्ता भी घायल हुई हैं। पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं के आतंक को रोकने की बजाय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के ऊपर वाटर केनन से हमला किया। उसके बाद आंसू गैस के गोले भी दागे गये।
भाजपा कार्यकर्ताओं पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई?
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब भाजपा कार्यकर्ता पत्थर चला रहे थे, तो पुलिस को उनको भगाना था पर पुलिस ने उनके ऊपर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? इससे साबित होता है कि पुलिस और भाजपा का यह षड़यंत्र था। पुलिस पहले से ही वाटर कैनन वाहन को लेकर क्यों आई थी? इसके पहले भी भाजपा ने ऐसा प्रदर्शन किया था, तब पुलिस ने ऐसा क्यों नहीं किया था? राजीव भवन के पास प्रदर्शन की अनुमति किसने दी? इन मामले के लिए दोषी कौन है? इन सभी मामलों पर पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिये।
एक नजर में कांग्रेस का प्रदर्शन
- प्रदर्शन के बहाने शक्ति प्रदर्शन
- विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस
- अभी से लिखी जा रही चुनावी स्क्रिप्ट
- दिसंबर 2028 में होना है विधानसभा चुनाव
- 18 घंटे से ज्यादा समय से थाने में डटे रहे कांग्रेसी
- रायपुर में कांग्रेस का अनिश्चितकालीन धरना खत्म
- पीसीसी चीफ दीपक बैज ने की मांग- बीजेपी मंत्री-विधायकों पर हो काउंटर एफआईआर